
नवी मुम्बई में आजकल नकली पत्रकारों और आरटीआई एक्टिविस्टों की बाढ़ सी आ गई है और इनके द्वारा अवैध वसूली के एक बड़े रैकेट को अंजाम दिया जा रहा है। हालांकि इनमें से कुछ जालसाजों को स्वयं पुलिस अधिकारी और संबंधित सरकारी अधिकारियों का संरक्षण मिला होता है,मगर फिर भी अब ऐसे जालसाजों की संख्या हद के पार जा रही है। नवी मुम्बई की एक तथाकथित महिला पत्रकार प्रिया खंडागले सरोदे के खिलाफ,एक स्पा मालिक से अवैध रूप से प्रति माह,80 हजार रूपये हफ्ता मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया गया है।
स्पा मालिक और उसके मैनेजर की मानें तो प्रिया अपने साथ 4-5 महिलाओं और कुछ पुरूषों के समूह को लेकर,अचानक से किसी भी स्पा में जबरदस्ती घुस जाती है और वहां थेरेपी दे रही महिलाओं पर वेश्यावृति करने का आरोप लगाकर,स्पा मालिकों से अवैध वसूली करने का प्रयास करती है। ऐसी ही एक घटना सोमवार की रात, वाशी के कोपरी सिग्नल के नजदीक महावीर आर्केड में स्थित अवंतरा स्पा में घटी। इस स्पा में भी प्रिया अपने साथ 4-5 महिलाओं और कुछ पुरूषों का एक ग्रुप लेकर,जबरदस्ती स्पा के अंदर घुसी और वहां मौजूद महिलाओं और पुरूषों का विडियो यह कहकर बनाने लगी कि यहां स्पा की आड़ में वेश्यावृति का धंधा कराया जाता है। इसपर स्पा की एक महिला कर्मचारी पुजा धुधावड़े ने जब प्रिया का विरोध किया तो प्रिया के साथ आई महिलाओं ने न केवल पुजा के साथ धक्का-मुक्की की बल्कि उसके कपड़े भी फाड़ दिये। एफआईआर में लिखी बातों को अगर सच मानें तो इस दौरान पुजा के गले की चेन भी गायब हो गई।
मामला बढ़ता देख स्पा मालिक ने पुलिस को बुला लिया,मगर प्रिया पुलिस के सामने भी खुलेआम स्पा मालिक पर वेश्यावृति कराने का आरोप लगा रही थी। पुलिस ने जब सबूत की मांग की तब प्रिया,महिला सहायक पुलिस निरीक्षक देशमुख पर ही यह आरोप लगाने लगी कि तुमलोग स्पा मालिक से हफ्ता लेते हो। इसपर गुस्से में महिला सहायक पुलिस निरीक्षक देशमुख ने प्रिया को यह कहते हुए एक थप्पड़ जड़ दिया कि बिना सबूत के तुम्हे पुलिस पर इस तरह का आरोप लगाने का अधिकार नही है। बाद में किसी तरीके से रात में मामले को आगे बढ़ने से रोका गया,लेकिन मंगलवार की सुबह अवंतरा स्पा के मैनेजर दिलीप थाबरू पवार ने, प्रिया के खिलाफ वाशी पुलिस स्टेशन में अवैध हफ्ता वसूली का मामला दर्ज कराते हुए यह आरोप लगाया कि इसी तरह के एक कृत्य को विवा स्पा में अंजाम देने के बाद,प्रिया ने उससे 80 हजार रूपये की अवैध वसूली की थी और अब वह अवंतरा स्पा के लिए भी 80 हजार रूपये की मांग कर रही थी।
मुम्बई तपास स्पा मालिक या मैनेजर के आरोपों से अपने आपको बिल्कुल अलग करते हुए,नवी मुम्बई के पत्रकारों को इस खबर के माध्यम से सिर्फ इतना संदेश देना चाहता है कि अगर आप सही में पत्रकार हैं तो आपको सबसे पहले, अपनी कानूनी मर्यादा की पहचान करनी होगी फिर आप किसी और को कानून सिखा पायेंगे,एक पत्रकार को भी यह अधिकार नही होता है कि वह किसी के निजी मालिकाना वाले क्षेत्र में बिना अनुमति के जबरदस्ती घुस जाये और वहां की विडियोग्राफी करने लगे। अगर उक्त स्पा में देह व्यापार भी चल रहा होगा तो भी बिना पुलिस या संबंधित विभाग को लिए वहां बिना अनुमति के प्रवेश नही किया जा सकता। इसके अलावे सर्वोच्च न्यायालय ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि अगर बिना किसी दबाव या प्रलोभन के, कोई स्त्री और पुरूष,आपस में शारिरीक संबंध स्थापित करते हैं तो उसे वेश्यावृति की संज्ञा नही दी जा सकती है। स्पा सेन्टर में अगर आपको फूल बाॅडी मसाज या थेरेपी लेनी है तो थेरेपी लेनेवाले पुरूष या महिला को अपने कपड़े चेन्ज कर मसाज के कपड़े पहनने पड़ते हैं,ऐसे में किसी तिसरे व्यक्ति द्वारा अगर स्पा में जबरदस्ती से प्रवेश कर विडियो बनाने का प्रयास किया जाता है,तो यह किसी भी व्यक्ति के निजता के अधिकार का खुलेआम उल्लंघन है। दूसरी बात यह कि थेरेपी या मसाज देनेवाली महिलाओं को वेश्या बुलाने का हक भी कानून ने किसी को नही दे रखा है,अगर यह धंधा इतना अनैतिक होता तो सरकार इसे मंजूरी ही क्यों देती? इन सब चीजों का ध्यान रखकर ही पत्रकारिता करने की जरूरत है वरना हम स्वयं अपने आपको संदेह के घेरे में ला खड़ा करेंगे।



