
तुर्भे एमआईडीसी पुलिस स्टेशन की हद में एक ऐसा सनसनीखेज आपराधिक मामला सामने आया है,जो न केवल मानवता को शर्मसार करनेवाला है बल्कि किसी के विश्वास को भी तार तार करनेवाला है। तुर्भे एमआईडीसी परिसर में स्थापित एक चाॅल में रहनेवाली, 9 वर्षीय बच्ची से बलात्कार करने के बाद, उसकी निर्ममता पूर्वक हत्या करने के आरोप में जिस 30 वर्षीय आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है,वह आरोपी बच्ची के परिवार का ही एक परिचित है।मामला 10 अक्टूबर की दोपहर का है, जब 9 वर्ष की बच्ची रोशनी चव्हाण अपने घर के सामने से खेलते खेलते अचानक गायब हो गई थी और बहुत तलाशने के बाद भी जब उसका कुछ पता न चला तो घरवालों ने,इसकी सूचना तुर्भे एमआईडीसी पुलिस स्टेशन को दी। चूकि मामला एक नाबालिग बच्ची से जुड़ा था,इसलिए पुलिस ने सीधे अपहरण का मामला दर्ज कर इसकी छानबीन शुरू की।बच्ची के घर के अगल बगल के सारे सीसीटीव्ही फुटेज को खंगाला गया,तो बच्ची एक तीस से पैतीस वर्ष के एक आदमी के साथ पहले पैदल,फिर एक ऑटो में बैठकर जाती दिखाई दी। पुलिस ने अपने गोपनीय सूत्र के माध्यम से,पहले इस व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित की और बाद में उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के चंद मिनटों में ही आरोपी ने यह स्विकार कर लिया कि उसने बच्ची का यौन शोषण कर उसकी हत्या कर दी है। पूछताछ के दौरान ही उसने बलात्कार और हत्या के घटनास्थल के बारे में भी, पुलिस को जानकारी दी और कहा कि पवणे एमआईडीसी में स्थित, बावखलेश्वर मंदिर के नजदीक एक सुनसान स्थान पर उसने इस अपराध को अंजाम दिया है । पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उपरोक्त घटनास्थल से 9 वर्षीय रोशनी की लाश को बरामद कर लिया है और आरोपी को पाॅस्को एक्ट सहित बलात्कार और हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तार आरोपी को फांसी की सजा दिये जाने की मांग को लेकर, मृतका रोशनी के परिवार वाले और उनके पड़ोसी सहित, अनेक राजनीतिक दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तुर्भे पुलिस स्टेशन के सामने आन्दोलन किया।



