
नवी मुम्बई में रजिस्ट्रेशन एक्ट के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए,फर्जी तरीके से अवैध ईमारतों में स्थित मकानों और दूकानों का रजिस्ट्रेशन कर,सरकार की तिजोरी को करीब 14 करोड़ रूपये का नुकसान पहुंचाने का एक मामला वर्ष 2025 में काफी चर्चा में आया था। इस मामले की जांच को लेकर विधान परिषद के तत्कालीन सभापति के पास एक शिकायत दर्ज कराई गई थी,जिसका संज्ञान लेते हुए सभापति ने राज्य सरकार के राजस्व (महसूल) विभाग को इस मामले की जांच का आदेश दिया था। राजस्व विभाग की जांच में आरोप सही पाये गये थे और फिर इस जांच रिपोर्ट के आधार पर, 5 मार्च 2026 को नवी मुम्बई के तुर्भे पुलिस स्टेशन में एक आपराधिक मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में मुख्य अभियुक्त के रूप में जिन दो लोगों को चिन्हित किया गया था,उसमें सह दुय्यम निबंधक राजकुमार दहिफले और एजेन्ट योगेश चव्हाण का नाम शामिल था।नवी मुम्बई की तर्ज पर जब पूरे महाराष्ट्र में, इसी तरीके से किये गये रजिस्ट्रेशन की जानकारी निकाली गई तो यह मामला सैकड़ों करोड़ रूपये की सरकारी राजस्व की चोरी तक जा पहुंचा। इसको लेकर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने एक विशेष जांच समिती का भी निर्माण किया है। अब राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस पूरे मामले पर एक ठोस निर्णय लिया है और पूरे महाराष्ट्र में अवैध रूप से निर्मित सभी मकानों और दूकानों की खरीद बिक्री पर रोक लगा दिया है,इसका अर्थ यह है कि अब किसी भी अवैध ईमारत,मकान या दूकान के खरीद बिक्री पत्र को, पूरे महाराष्ट्र में कहीं भी रजिस्टर्ड नही किया जा सकेगा। इसकी घोषणा चंद्रशेखर बावनकुले ने स्वयं एक पत्रकार परिषद में की। मगर इस दौरान उन्होंने यह नही बताया कि जो लोग इस निर्णय से पहले महाराष्ट्र सरकार की तिजोरी को सैकड़ों करोड़ का चूना लगा चुके हैं,उनके खिलाफ कौन सी सख्त कार्रवाई की जा रही है। वैसे नवी मुम्बई के मामले में यह बात जरूर सामने आई है कि इसके दोनों आरोपी,अभी तक न तो गिरफ्तार किये गये हैं और न ही इन्हे किसी कोर्ट से जमानत हासिल हुई है,फिर भी नवी मुम्बई पुलिस इनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने के लिए आगे नही आ रही है।



