दो दिन में ही ऐरोली में 20 अवैध ईमारतें ध्वस्त

किसी भी अधिकारी की अगर जिम्मेदारी तय कर दी जाये और जिम्मेदारी पूरा न करने पर, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दे दिये जायें,तो उसका कितना जादुई असर सामने आ सकता है,इसका एक उदाहरण पिछले दो दिनों में नवी मुम्बई के ऐरोली क्षेत्र में दिखाई दिया। मुम्बई उच्च न्यायालय के द्वारा हाल ही में दिये गये एक सख्त आदेश के बाद,पिछले दो दिनों में ऐरोली में 20 निर्माणाधीन ईमारतों को ध्वस्त कर दिया गया और कहीं से भी किसी बड़े विरोध की खबर सामने नही आई। इसका सबसे बड़ा कारण यह रहा कि मुम्बई उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में,यह स्पष्ट कर दिया था कि अगर किसी स्थानीय राजनेता ने इसमें दखलअंदाजी की तो उन्हे बख्शा नही जायेगा।ऐरोली में की गई इस बड़ी तोड़क कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अगर कानून का पालन सख्ती से और पूरी तरह किया जाये तो किसी भू माफिया या राजनेता की इतनी हिम्मत नही होगी कि वह कानून तोड़ने का साहस कर सके। माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया था कि अवैध निर्माण के मामले में जो भी संबंधित अधिकारी की लापरवाही सामने आयेगी,उसे उचित कानूनी प्रावधानों के मुताबिक सजा जरूर मिलेगी। न्यायालय के इस आदेश के बाद पालिका के अधिकारियों के सामने यह मजबूरी थी कि उन्हे सख्त कार्रवाई करनी ही थी। मतलब साफ है कि अगर जिम्मेदारी को दंड के साथ लागु कराया जाये तो कोई भी सरकारी अधिकारी, अपने अधिकार क्षेत्र के साथ लापरवाही नही करेगा



