एक गोविन्दा सहित तीन लोगों की मौत

महाराष्ट्र के दही हांडी धार्मिक उत्सव को भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि हासिल हो,मगर इसके कुछ दुखद परिणाम भी हर साल सामने आते रहते हैं। उंची से उंची हांडी को फोड़ने का जज्बा मन में लिए,उत्साहित गोविन्दा पथक इस दौरान अपनी जान की भी परवाह नही करते और इस चक्कर में प्रतिवर्ष सैकड़ों गोविन्दा घायल हो जाते हैं। इस साल भी पूरे महाराष्ट्र में 500 से ज्यादा गोविन्दा पथकों की सूचना सामने आई है। इसमें अकेले मुम्बई और उसके उपनगरीय क्षेत्रों में घायल गोविन्दाओं की संख्या 376 है और 56 गोविन्दा ठाणे जिले में घायल हुए हैं। नवी मुम्बई के ऐरोली में स्थित साईनाथ वाडी में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में एक 34 वर्षीय गोविन्दा को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ा है। मृतक गोविन्दा घणसोली का रहनेवाला था और उसका नाम स्वप्निल था।मुम्बई सेन्ट्रल क्षेत्र में घायल गोविन्दाओं की संख्या 183 है तो पश्चिम मुम्बई में 126 और पूर्वी मुम्बई में 62 गोविन्दा घायल हुए हैं। इनमें से कुल 53 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है और 37 लोगों का इलाज उनके घर पर ही चल रहा है,जबकि 286 लोगों को मामूली उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।दही हांडी कार्यक्रम के दौरान मुम्बई के मालवणी इलाके में एक दिवाल गिर जाने से 7 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई तो पिंपरी चिंचवड़ में एक महिला के उपर स्टेज का लोहे का एक स्ट्रक्चर गिर जाने से,उसे भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।



