एएसआई के सुसाइड नोट से हुआ खुलासा

नवी मुम्बई पुलिस आयुक्तालय के विशेष शाखा में कार्यरत, सहायक पुलिस उपनिरीक्षक पांडुरंग पाटील की आत्महत्या और उसके द्वारा लिखी गई आठ पन्ने की सुसाइड नोट ने,नवी मुम्बई पुलिस के चेहरे पर कालिख पोत दिया है। मुम्बई तपास बहुत पहले से ही,नवी मुम्बई पुलिस में फैले भ्रष्टाचार को लेकर,पुलिस आयुक्त मिलिन्द भारंबे को लगातार आगाह करता रहा है और कई बार इस संदर्भ में उनको दस्तावेजी सबूत भी दे चुका है,मगर भ्रष्टाचार की इस बहती धारा को रोकने के लिए, पुलिस आयुक्त की तरफ से कोई भी प्रभावी कदम नही उठाया गया।अब जब नवी मुम्बई पुलिस आयुक्तालय से जुड़े एक पुलिस कर्मचारी ने ही,अपने सुसाइड नोट के माध्यम से सारे काले चिठ्ठे को उजागर करने का कार्य किया है तो अब पुलिस आयुक्तालय इस सुसाइड नोट के कंटेन्ट को छुपाने में जुटा है। अपने सुसाइड से पहले पांडुरंग पाटील ने एक विडियो जारी कर अपने आत्महत्या की सूचना अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दी और इसके लिए पुलिस उपायुक्त प्रशासन संजय पाटील और एसीपी वायरलेस डिवीजन गिरीश ठाकरे और एक पुलिस क्लर्क आहिरे को विशेष रूप से दोषी ठहराया है। पांडुरंग पाटील ने रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन की हद में स्थित, साची नामक लाॅज के एक कमरे में आत्महत्या की।पांडुरंग पाटील की आत्महत्या से आहत, उनके परिवार और उनके परिचितों द्वारा, रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में आत्महत्या के लिए प्रेरित किये जाने का मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया गया और इसमें पुलिस उपायुक्त संजय पाटील,सहायक पुलिस आयुक्त गिरीश ठाकरे और पुलिस क्लर्क आहिरे को आरोपी बनाये जाने की मांग की गई। रबाले पुलिस द्वारा सीधे एफआईआर दर्ज किये जाने से इंकार किये जाने पर, पांडुरंग पाटील के परिवार वाले और खान्देशी समूह के लोगों द्वारा रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के सामने जमकर प्रदर्शन किया गया। बाद में पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित किये जाने का मामला दर्ज किया और इसमें पांडुरंग पाटील के सुसाइड से जुड़े लोगों को आरोपी बनाया गया।अब पुलिस आयुक्त मिलिन्द भारंबे से,मुम्बई तपास सबसे बड़ा सवाल यह करना चाहती है कि क्या पुलिस आयुक्त मिलिन्द भारंबे तत्काल प्रभाव से,पांडुरंग पाटील के सुसाइड नोट को मीडिया के सामने रखेंगे और जिन तथ्यों का हवाला पांडुरंग पाटील ने अपने सुसाइड नोट में दिया है,उसकी गंभीरता से जांच करायेंगे? वैसे पुलिस आयुक्त के पिछले रिकार्ड से इस बात की संभावना बेहद कम दिखाई देती है।



