नवीमुम्बईकरों की एकमुश्त आवाज

आजकल ड्रग्स फ्री भारत और महाराष्ट्र के नारे के बाद,नवी मुम्बई में अवरोध मुक्त सड़क और फुटपाथ का अभियान शुरू किया गया है। इसके पहले नवी मुम्बई पुलिस द्वारा डांसबार मुक्त नवी मुम्बई के तहत,सभी डांसबारों को लगभग दो तीन महीनों तक बंद कर दिया गया था। फिर बारी आई तुकाराम मुंढ़े की उन्होंने गुटखा मुक्त महाराष्ट्र का नारा लगा दिया। मगर यह सारे नारे कुछ दिनों के बाद पूरी तरीके से असफल हो जाते हैं और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है,सरकारी विभागों में फैला भ्रष्टाचार। इसलिए नवी मुम्बई के आम नागरिकों ने अब सबसे पहले भ्रष्टाचार मुक्त सिडको,पालिका और पुलिस प्रशासन की मांग की है।आपको याद होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके पहले कालाधन मुक्त भारत,गंदगी मुक्त भारत,कालाबाजारी मुक्त भारत,खुले शौच से मुक्त भारत,गढ्ढामुक्त नेशनल हाईवे और और आतंक और नक्सल मुक्त भारत का सपना सामान्य नागरिकों को दिखाया था। मगर यह सपना आजतक साकार नही हो पाया। नवी मुम्बई के नागरिकों का मानना है कि जबतक सरकारी विभागों में फैले असिमीत भ्रष्टाचार को रोका नही जायेगा,तबतक सारे सरकारी वायदे सिर्फ दिखावे बनकर रह जायेंगे। इसलिए नवी मुम्बई के लोग यह चाहते हैं कि यहां की ज्यादातर समस्याओं का समाधान करने के लिए,सबसे पहले यहां के सरकारी महकमों में फैले भ्रष्टाचार को रोका जाये,अगर ऐसा होता है तो इस तथाकथित स्मार्ट सिटी की 80 प्रतिशत समस्या का निदान खुद ब खुद हो जायेगा। इसके अलावे निजी शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों द्वारा, जो आम नागरिकों की लूट की जा रही है,उससे भी नवी मुम्बई के आम नागरिक काफी परेशान हैं। स्मार्ट इलेक्ट्रिक मीटर के बाद से लोगों को भारी बिजली बिल का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नवीमुम्बईकरों को यह लगता है कि उनकी समस्याओं की जड़ में सरकारी संस्थाओं में फैले भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा योगदान है,इसलिए उनकी यह मांग है कि सबसे पहले नवी मुम्बई को भ्रष्टाचार मुक्त करने का अभियान चलाया जाये।



