आजकल नगरसेवकों में एक दूसरे की चड्डी बनियान उतारने की लगी होड़

गणेश नाईक विरूद्ध मंदा म्हात्रे,फिर गणेश नाईक विरूद्ध एकनाथ शिन्दे,नरेन्द्र मेहता विरूद्ध प्रताप सरनाईक,यह कुछ उदाहरण तो विधायक स्तर की लड़ाई से जुड़े हैं,लेकिन जब विधायकों में वर्चस्व को लेकर लड़ाई चल रही हो तो फिर नगरसेवक कहां पीछे रहनेवाले हैं। नवी मुम्बई महानगरपालिका के नगरसेवकों के बीच की लड़ाई,अब सार्वजनिक रूप से एक दूसरे के चड्डी बनियान तक को उतारने की दिशा में चल पड़ी है।घणसोली के सिम्पलेक्स काॅम्पलेक्स के पुनर्विकास को लेकर सौरभ शिन्दे विरूद्ध गणेश सकपाल की लड़ाई सामने आ रही है तो दिघा क्षेत्र में अपर्णा गवते विरूद्ध रेवेन्द्र पाटील के बीच एक होटल को लेकर जंग का एलान हो चुका है। रेवेन्द्र पाटील खुद तो नगरसेवक नही हैं लेकिन उनकी पत्नी नगरसेविका हैं। अपर्णा गवते रेवेन्द्र पाटील के भागीदारी वाले एक होटल पर निशाना साधती नजर आती हैं तो रेवेन्द्र पाटील अपर्णा गवते के वाइन शाॅप और रेस्टोरेन्ट एन्ड बार की पोल खोलने में लगे हैं। अब एक नया मामला सामने आया है जिसमें, नवी मुम्बई महानगरपालिका के विरोधी पक्ष नेता विजय चौगुले और ऐरोली से स्वीकृत नगरसेवक बंडू केणी,एक दूसरे के खिलाफ युद्ध का मैदान सजाने में लग गये हैं। दोनों ने नवी मुम्बई महानगरपालिका प्रशासन में पत्र लिखकर, एक दूसरे के संभावित अवैध निर्माण कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। अगर यह जानकारी सार्वजनिक होती है तो दोनों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है और शायद भविष्य में इन दोनों को, अपने नगरसेवक पद से हाथ धोना पड़ सकता है।नवी मुम्बई महानगरपालिका के इतिहास में, पिछले तीस साल में पहली बार ऐसा हो रहा है,जब नगरसेवक एक दूसरे के भ्रष्टाचार की पोल स्वयं खोलने में जुटे हैं,वरना आजतक तो नवी मुम्बई महानगरपालिका में भ्रष्टाचार का खेल,बड़े ही सुनियोजित तरीके से किया जाता रहा है,जिसमें सबने जमकर कमाया भी है और एक दूसरे को संरक्षण भी प्रदान किया है।



