अपने अपने फायदे को लेकर एक दूसरे पर लगा रहे हैं निचले स्तर का आरोप

ठाणे जिला के अन्दर वैसे तो अंदरूनी तौर पर,प्रत्येक महानगरपालिका में बीजेपी और शिन्दे गुट के बीच जबरदस्त खिंचातानी चल रही है,मगर सबसे निचले स्तर का आरोप प्रत्यारोप नवी मुम्बई में दिखाई दे रहा है। यहां महाराष्ट्र के वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश नाईक का वर्चस्व सर्वविदित है,मगर पीछले कुछ वर्षों में शिवसेना ने भी अपनी ताकत में शानदार इजाफा किया है। नवी मुम्बई के 111 नगरसेवकों में 65 नगरसेवक बीजेपी के हैं तो 43 नगरसेवक शिन्दे गुट के।मगर शिन्दे गुट की ताकत, यहां नगरसेवकों की कम संख्या होने के बावजूद कमजोर नही है क्योंकी एकनाथ शिन्दे इस वक्त शहरी विकास मंत्री हैं और कोई भी महानगरपालिका शहरी विकास मंत्रालय के अधीन ही आता है।गणेश नाईक नवी मुम्बई में अपने वर्चस्व को चुनौती देने की हर कोशिश को नाकाम कर देना चाहते हैं,इसलिए नवी मुम्बई महानगरपालिका में अपने बहुमत का सहारा लेकर वह,शिवसेना एकनाथ शिन्दे गुट के नगरसेवकों को न केवल टार्गेट करते हैं बल्कि शहरी विकास मंत्रालय के भी कई आदेश और निर्देश की खुलकर आलोचना करते हैं। गणेश नाईक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से,एकनाथ शिन्दे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से भी बाज नही आते। वहीं एकनाथ शिन्दे गुट की तरफ से, सांसद नरेश म्हस्के,नवी मुम्बई महानगरपालिका के विरोधी पक्ष नेता विजय चौगुले और नवी मुम्बई में एकनाथ शिन्दे के सबसे खासमखास माने जानेवाले नगरसेवक किशोर पाटकर,गणेश नाईक के आरोपों का जवाब देने में कोई कोताही नही बरतते।वर्तमान हालात ऐसे बन गये हैं कि नवी मुम्बई महानगरपालिका में इन दोनों गुटों के नगरसेवक एक दूसरे की इज्जत उतारने में लगे रहते हैं,जिसका सबसे बड़ा फायदा पालिका के प्रशासनिक अधिकारियों और पत्रकारों को मिलता है। इन दोनों गुटों की आपसी लड़ाई में, पालिका अधिकारियों के भ्रष्टाचार को जहां अपने आप किसी न किसी गुट का संरक्षण मिल जाता है,वहीं पत्रकारों के लिए नित्य नये मसाले सामने आते रहते हैं।अभी नया मामला कलस्टर डेवेलपमेंट का चल रहा है,गणेश नाईक इस संकल्पना को न केवल एक बड़ा भ्रष्टाचार बता रहे हैं,बल्कि इस योजना को नवी मुम्बई जैसे एक सुनियोजित शहर के लिए अभिशाप बताने में भी लगे हैं। वहीं विजय चौगुले और किशोर पाटकर गणेश नाईक पर पलटवार करते हुए यह कह रहे हैं कि अगर यह भ्रष्टाचार और अभिशाप है तो इसकी शुरूवात गणेश नाईक ने ही, वाशी सेक्टर 1 से की है जहां सबसे पहले बी 1 बी 2 की ईमारतों को सामूहिक रूप से पुनर्विकसीत किया गया था और इसका नाम गणेश अपार्टमेंट रखा गया था। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि आनेवाले समय में,इन दोनों गुटों की लड़ाई और आक्रमक होती है या फिर अपनी अपनी फजीहत को रोकने के लिए,इन दोनों गुटों में समझौता हो जाता है।



