बीजेपी और शिवसेना शिन्दे गुट के कई वरिष्ठ नगरसेवकों पर अयोग्यता की तलवार

नवी मुम्बई महानगरपालिका के निर्वाचन अधिकारी की टेबल पर,वैसे तो पहले से ही 6 नगरसेवकों को अयोग्य ठहराने का निवेदन करीब 4 महीने से लंबित है और इसको लेकर निर्वाचन अधिकारी की कार्यशैली पर प्रश्न भी उठ रहे हैं, मगर अब मुम्बई तपास को कुछ ऐसे दस्तावेज हासिल हुए हैं, जिसके आधार पर 12 और नगरसेवकों की सदस्यता खतरे में दिखाई दे रही है। इसमें कोपरखैरणे और तुर्भे से जुड़े, दो वरिष्ठ नगरसेवकों सहित,वाशी के एक प्रसिद्ध नगरसेवक का भी समावेश है।इन सभी 12 नगरसेवकों की अयोग्यता से संबंधित दस्तावेजों की प्रति मुम्बई तपास को उसके एक महत्वपूर्ण सूत्र से प्राप्त हुई है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि इनमें से कुछ दस्तावेज,नवी मुम्बई महानगरपालिका के खुद के रिकार्ड से जुड़े हैं और इन रिकाॅर्डस की जानकारी संबंधित नगरसेवकों ने,पालिका के ही नियुक्त आर ओ को दिये अपने प्रतिज्ञापत्र में छुपाई है,ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पालिका प्रशासन को अपने ही रिकार्डस की जानकारी नही थी और अगर थी तो संबंधित नगरसेवक के खिलाफ पालिका प्रशासन ने,झूठे प्रतिज्ञापत्र देने के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराया।वैसे मुम्बई तपास के संपादक राजीव मिश्रा ने यह तय किया है कि उनके पास सूत्रों के हवाले से जो दस्तावेज हासिल हुए हैं,उसकी प्रमाणिकता की जांच के बाद,वह स्वयं संबंधित नगरसेवकों की अयोग्यता और उनके खिलाफ एफआईआर की मांग , जल्द ही महानगरपालिका आयुक्त से करेंगे।



