729 करोड़ के वेस्ट टू एनर्जी प्रकल्प पर सवालिया निशान

नवी मुम्बई महानगरपालिका के सभागृह नेता, सागर नाईक पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप के बाद,नवी मुम्बई बीजेपी की पूरी टीम बैकफूट पर नजर आ रही है। इसके पहले महाराष्ट्र के वन एवं पर्यावरण मंत्री तथा नवी मुम्बई के सर्वे सर्वा कहे जानेवाले गणेश नाईक,जिस आक्रमक अंदाज में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिन्दे और उनकी नवी मुम्बई टीम पर, हमला करते नजर आते थे,अचानक उसमें बड़ी कमी आ गई है और इस कमी के पीछे सागर नाईक भ्रष्टाचार प्रकरण को एक बड़ा कारण माना जा रहा है।ज्ञात हो कि सागर नाईक इससे पहले भी एक फर्जी कोर्ट ऑर्डर को,नवी मुम्बई महानगरपालिका आयुक्त को भेजे जाने के मामले में बुरी तरह फंसते दिखाई दिये थे और अब नया प्रकरण उनके द्वारा किये गये भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा में है। नवी मुम्बई महानगरपालिका में विपक्षी दल के रूप में कार्यरत, एकनाथ शिन्दे की शिवसेना के नगरसेवक किशोर पाटकर ने सागर नाईक पर भ्रष्टाचार का एक बेहद ही गंभीर आरोप लगाया है। किशोर पाटकर ने पालिका की महासभा में यह आरोप लगाया कि कुछ ही दिन पहले जिस कंपनी को तुर्भे डंपिंग ग्राउन्ड की निविदा,वेस्ट टू एनर्जी प्रकल्प के रूप में दी गई है और जिसके एवज में कंपनी को आनेवाले 9 साल में 729 करोड़ रूपये, पालिका से हासिल होनेवाले हैं,उस कंपनी ने वर्क ऑर्डर जारी होने से पहले अपने कंपनी के एकाउन्ट से डेढ़ करोड़ की एक मर्सिडीज गाड़ी खरीदी है और इस गाड़ी का उपयोग नवी मुम्बई महानगरपालिका के सभागृह नेता सागर नाईक कर रहे हैं। किशोर पाटकर ने यह भी आरोप लगाया कि सागर नाईक इसी गाड़ी से नवी मुंबई महानगरपालिका में आते जाते हैं।किशोर पाटकर के इस गंभीर आरोप के बाद, एकनाथ शिन्दे गुट के सभी नगरसेवक एक दिन ‘कचरा दो और मर्सिडीज लो’ के नारे लिखे जैकेट के साथ,नवी मुम्बई महानगरपालिका की महासभा में पहुंच गये,जिसके बाद यह खबर महाराष्ट्र के सभी बड़े मीडिया चैनलों और अखबारों की सुर्खियां बन गई। सागर नाईक गणेश नाईक के बहुत ही चहेते भतीजे हैं और एक बार वह नवी मुम्बई के महापौर भी रह चुके हैं,मगर कल तक जो सागर नाईक गणेश नाईक के परिवार के गर्व का एक हिस्सा थे,अब वही सागर नाईक,नाईक परिवार की छवि को दागदार करने के आरोपी भी नजर आ रहे हैं।



