महापौर नीतिन पाटील की शिकायत पर 15 मंजिली ईमारत के खिलाफ शुरू हुई तोड़क कार्रवाई

आजकल के विकासक अनियमितता की सारी हदों को किस तरीके से पार कर रहे हैं और इसका खामियाजा कैसे आमलोगों को उठाना पड़ रहा है,इसका एक बड़ा उदाहरण पनवेल महानगरपालिका के कामोठे सेक्टर 22 में दिखाई दिया। यहां भूखंड क्रमांक 73 और 74 पर स्थित एल के विवांता नामक एक 15 मंजिल ईमारत के उपर के चार फ्लोर पूरी तरीके से अवैध रूप से तैयार किये गये थे और इन चार अवैध मंजिलों पर विकासक ने कुल 80 फ्लैट का निर्माण किया था।दरअसल इस ईमारत को सिर्फ 11 मंजिल तक के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त थी,मगर विकासक ने यहां 15 मंजिल तक का निर्माण कर डाला। शायद विकासक को यह लगा होगा कि वह बाद में इन मंजिलों को भी अधिकृत करा लेगा। मगर ऐसा हो नही पाया और इस अनियमितता की शिकायत स्वयं महापौर नीतिन पाटिल ने पालिका आयुक्त से कर दी। इसके बाद इस ईमारत को नोटिस देकर, विकासक को यह सूचना दी गई कि वह उपर के चार अवैध मंजिलों को स्वयं से तोड़ दे और अगर उसने ऐसा नही किया तो मजबूरन पालिका को इसे तोड़ना पड़ेगा और इस तोड़क कार्रवाई का पूरा खर्च विकासक से वसूल किया जायेगा। पनवेल महानगरपालिका की इस नोटिस के खिलाफ, विकासक ने मुम्बई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और इसको पेनाल्टी भरकर अधिकृत किये जाने की इच्छा मुम्बई उच्च न्यायालय के समक्ष दिखाई। मगर न्यायालय ने विकासक की याचिका को स्विकार करने से इंकार कर दिया।इसके बाद पनवेल महानगरपालिका ने इस ईमारत के खिलाफ तोड़क कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसे आने वाले चार पांच दिनों तक लगातार जारी रखा जायेगा। वैसे विकासक की मानें तो पनवेल महानगरपालिका के कई नगरसेवकों द्वारा भी,अवैध निर्माण कार्य किये गये हैं और उसकी ईमारत के समान ही अन्य कई ईमारतों में भी ऐसे अवैध निर्माण कार्य हैं,जिन्हे यह सोचकर तैयार किया गया था कि नये यूडीसीपीआर के द्वारा इनको अधिकृत किया जा सकता है,मगर उनकी ही ईमारत को किसी व्यक्तिगत कारण से निशाना बनाया गया है।



