आगरी कोली युवा वर्ग ने अपने ही नेताओं को दी चेतावनी

नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल को,प्रकल्पग्रस्तों के मसीहा माने जानेवाले स्वर्गीय दि बा पाटील साहब का नाम दिए जाने का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इस बार इस मुद्दे के पीछे कोई बड़ा प्रकल्पग्रस्त नेता नही,बल्कि रश्मिता पोपेटा नामक एक प्रकल्पग्रस्त महिला है,जो पिछले पांच दिनों से इस मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठी है कि नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल को जब तक दि बा पाटील साहब का नाम नही दिया जायेगा,तबतक वह अपना अनशन समाप्त नही करेगी।अब रश्मिता पोपेटा को बड़े पैमाने पर आगरी कोली समुदाय के उन नवजवानों का समर्थन हासिल हो रहा है,जिनका विश्वास अब अपने बड़े नेताओं पर नही रह गया है। यह युवा खुले मंच से अपने ही आगरी कोली के बड़े नेताओं के खिलाफ गाली निकालते भी दिखाई दे रहे हैं। इनका मानना है कि इन नेताओं ने प्रकल्पग्रस्तों को आगे करके सिर्फ अपना और अपने परिवार का भला किया है और हजारो करोड़ की नाजायज संपति अर्जित की है और अपने ही परिवार के सदस्यों को नेता भी बनाया है। इसलिए यह सारे नेता केन्द्र सरकार की जी हुजूरी करने में लगे हैं और नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल के नामकरण को लेकर प्रकल्पग्रस्तों को सिर्फ झांसा दे रहे हैं।रश्मिता पोपेटा की तबियत जैसे जैसे बिगड़ रही है वैसे वैसे आगरी कोली युवाओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और अब वह शांति का मार्ग त्यागने की चेतावनी भी दे रहे हैं। कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल का शाॅर्ट नेम एनएमआईए ( नवी मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट) है,जो आगे चलकर नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) में तब्दील होनेवाला है,यही कारण है कि इसे दि बा पाटील का नाम नही दिया जा रहा। लेकिन आगरी कोली युवाओं का गुस्सा इस मामले को लेकर जिस तरीके से बढ़ता जा रहा है, उसको देखते हुए यह कहा जा सकता है कि निकट भविष्य में यह मुद्दा एक हिंसक आन्दोलन के रूप में भी तब्दील हो सकता है।



