
क्या यहां के तोड़क कार्रवाई का भी नेता करेंगे समर्थन
बांद्रा ईस्ट में किये गये अतिक्रमण और अवैध निर्माण कार्यों को भारी पुलिस सुरक्षा में,जिस तरीके से जमिन्दोस्त कर दिया गया और जिस तरीके से बीजेपी के नेताओं ने नियम कानून का हवाला देकर इस तोड़क कार्रवाई की प्रशंसा की,उसके बाद इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या यही बीजेपी के नेता, मुम्बई और उसके आसपास के क्षेत्रों में,सरकारी जमीनों पर किये गये सभी अतिक्रमण और अवैध निर्माण कार्य को तोड़े जाने का इसी तरीके से समर्थन करेंगे,या फिर यह नियम कानून सिर्फ मुसलमानों के लिए है।
नवी मुम्बई महानगरपालिका क्षेत्र में सिडको की हजारों करोड़ की जमीन पर अतिक्रमण करके वहां 5 हजार से ज्यादा अवैध बहुमंजिली ईमारतों का निर्माण किया गया है। यह जानकारी स्वयं पालिका प्रशासन ने, मुम्बई उच्च न्यायालय को एक प्रतिज्ञापत्र के जरिए दी है। इन सभी ईमारतों के खिलाफ नियमानुकूल कार्रवाई करने का आदेश उच्च न्यायालय ने नवी मुम्बई महानगरपालिका को दिया है,मगर आज एक साल बीत जाने के बाद भी इन अवैध ईमारतों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही हुई है। इतना ही नही मुम्बई उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद भी 100 से ज्यादा नये अवैध बहुमंजिली ईमारतों का निर्माण किया गया है और इसके सारे सबूत पालिका प्रशासन के पास भी मौजूद हैं। मगर फिर भी नतीजा ‘ढ़ाक के तीन पात’।
सवाल यह उठता है कि आखिर नियम और कानून के पालन की जिम्मेदारी,जिन नेताओं या अधिकारियों के कंधों पर है क्या वह भारत के संविधान को तार तार करते हुए सिर्फ एक वर्ग के खिलाफ की जानेवाली कार्रवाई के पक्षधर हैं,अगर ऐसा है तो यह भारतीय संविधान पर एक बेहद ही करारा प्रहार है।



