
दिल्ली के जंतर मंतर पर दो दिन पहले,सारी बाधाओं को पारकर तिरंगा लहराने वाले सीजेपी के आशुतोष रांका और सौरभ दास को, दिल्ली पुलिस के निवेदन पर दिल्ली की एक निचली अदालत ने उन्हे पांच दिन के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया। इसके विरोध में सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दिपके की तरफ से,आज दिल्ली के कनाट प्लेस में स्थित सेन्ट्रल पार्क में तिरंगा लहराओ प्रदर्शन की घोषणा की गई थी,जिसका समर्थन आईसा की नेहा बोरा और सिवील सोसायटी से जुड़े कई दिग्गजों ने भी किया था। मगर इस तिरंगा लहराओ प्रदर्शन को रोकने के लिए भी लगभग वही तैयारी की गई थी,जो 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर होनेवाले प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई थी।इस प्रदर्शन को सफल बनाने के उद्देश्य से सेन्ट्रल पार्क की ओर जा रहे अभिजीत दिपके को बीच रास्ते में ही हिरासत में ले लिया गया तो नेहा बोरा को मंडी हाउस में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों का व्यवहार प्रदर्शनकारियों के साथ बेहद असभ्य दिखाई दिया। नेहा बोरा को तो लगभग एक जानवर की तरह घसीटकर पुलिस की गाड़ी में डाल दिया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की खबर भी सामने आई है। आज भी कुछ तथाकथित हिन्दुत्ववादी संगठनों के लोग और कुछ बीजेपी समर्थित व्यापारियों के द्वारा, सीजेपी के प्रदर्शन को अपना समर्थन देने आये लोगों के अभद्रता करने की बात सामने आई।पता नही दिल्ली पुलिस किसके प्रभाव में आकर, आजाद हिन्दुस्तान में देश के झंडे को लहराने वाले प्रदर्शन को भी,देश विरोधी प्रदर्शन या शांतिभंग करनेवाला प्रदर्शन मान रही है और इन प्रदर्शनकारियों के साथ भी किसी अपराधी जैसा सलूक कर रही है। मगर दिल्ली पुलिस के सारे दबावतंत्र को फेल करते हुए देश के युवा अभी भी बड़ी तादाद में खुले तौर पर सीजेपी का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं और इतने दबाव के बावजूद दिल्ली की सड़कों पर जगह जगह तिरंगा लहराते उनको आसानी से देखा जा सकता था।



