
एक तरफ केन्द्र सरकार,मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर किये जा रहे आन्दोलनों को कुचलने के लिए,हर हथकंडे को अपना रही है,वहीं दूसरी तरफ आज विरोधी पक्ष नेता राहुल गांधी द्वारा पुकारे गये सुप्रीम कोर्ट मार्च को,इतना बड़ा जनसमर्थन प्राप्त हुआ कि इसको देखकर पूरी दिल्ली हिल गई और मोदी शाह के खेमे में भी भयंकर खलबली की खबर सामने आ रही है। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने राहुल गांधी के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से कल ही इंकार कर दिया था और उन्हे न्यायिक तरीके से सर्वोच्च न्यायालय में अपनी बात कहने का सुझाव दिया था,फिर भी राहुल गांधी ने अपना मोर्चा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही निकाला।राहुल गांधी ने आज के मोर्चे को लेकर देश के सभी विपक्षी दलों, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों और आम नागरिकों से इस मोर्चे में शामिल होने का निवेदन कल ही किया था। राहुल गांधी के इस निवेदन से एक बड़ा असर यह हुआ कि जो लोग सीजेपी के बुलावे पर 10 अक्टूबर के आन्दोलन में,पुलिस के जबरदस्त बंदोबस्त के कारण भाग नही ले पाये थे,वह भी राहुल गांधी के मोर्चे में भाग लेने पहुंच गये। इससे इस मोर्चे में राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के साथ साथ युवाओं का भी एक बड़ा खेमा दिखाई दिया। इस मोर्चे में शामिल लोगों की संख्या को लेकर कई तरह की आशंकायें वायक्त की जा रही हैं,मगर कोई भी आशंका 50 हजार से निचे की भीड़ नही बता रही है।इस अवसर पर इंडिया गठबंधन भी एक साथ दिखाई दिया। इसमें राहुल गांधी,प्रियंका गांधी,डी के शिवकुमार,मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई दिग्गज कांग्रेसी नेता तो शामिल हुए ही,राजद प्रमुख तेजस्वी यादव,समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव,सुप्रिया सुले,संजय राउत,ममता बनर्जी,दिपांकर भट्टाचार्य आदि नेताओं की भी उपस्थिती दिखाई दी। मगर सबसे ज्यादा आकर्षण नेहा बोरा की उपस्थिती में दिखाई दे रहा था,जो पूरी तरीके से राहुल और प्रियंका के बीच एक महत्वपूर्ण चेहरा बनी हुईं थी।इस मोर्चे में मशहूर वकील अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व में आये,लगभग 400 वकीलों ने एक साथ मिलकर,भारत के संविधान,लोकतंत्र और भारत की एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प लिया। मुख्य न्यायाधीश के सुझाव के अनुरूप ही राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के लगभग 11 सदस्यों द्वारा,मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक याचिका भी आज ही सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की गई। इसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे,राहुल गांधी,अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने,सर्वोच्च न्यायालय के अंदर जाकर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य रजिस्ट्रार से मुलाकात की और उनसे याचिका को जल्द लिस्टिंग करने का निवेदन किया।राहुल गांधी द्वारा पुकारा गया यह मोर्चा दिल्ली के बारहखम्भा इलाके से सर्वोच्च न्यायालय तक जाना था,मगर सर्वोच्च न्यायालय के 500 मिटर इधर ही मोर्चे को पुलिस ने रोक दिया और मोर्चे के एक छोटे प्रतिनिधिमंडल को ही सर्वोच्च न्यायालय तक जाने की अनुमति प्रदान की।कुल मिलाकर अगर कहें तो आज दिल्ली की सड़कों पर, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जो हुजूम दिखाई दिया,उससे इतना तो स्पष्ट हो गया कि अब बड़े पैमाने पर आमलोगों को भी यह लग रहा है कि बीजेपी,चुनाव आयोग के साथ मिलकर कोई बड़ी गड़बड़ी कर रही है।



