
नवी मुम्बई के कांग्रेस जिलाध्यक्ष आबा दलवी ने, मुम्बई तपास से बात करते हुए यह बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी जी ने,कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्षों को यह निर्देश जारी किया है कि वह अपने अपने जिले की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए,उन समस्याओं के निराकरण के लिए हर संभव प्रयास करें। अपने नेता के निर्देशों पर खरा उतरने के लिए,आबा दलवी ने नवी मुम्बई को लेकर एक विशेष योजना बनाई है और इसके अंतर्गत सबसे पहले,नवी मुम्बई की वर्तमान समस्याओं की एक सूची तैयार की जायेगी,फिर इन समस्याओं की प्राथमिकता निर्धारित कर,क्रमवार तरीके से इनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास और संघर्ष किया जियेगा।आबा दलवी ने अपनी बातचीत में इस बात को स्विकार किया कि एक समय में ठाणे,नवी मुम्बई और रायगढ़ इन तीनों जगहों पर कांग्रेस काफी मजबूत स्थिती में थी,मगर कुछ कांग्रेसी नेताओं ने अपनी स्वार्थसिद्धी के लिए पार्टी की छवि को दरकिनार कर दिया,जिस कारण आज इन तीनों ही जगहों पर पार्टी की स्थिती बेहद कमजोर नजर आ रही है। नवी मुम्बई महानगरपालिका में तो कांग्रेस के एक भी नगरसेवक नही हैं।आबा दलवी ने नवी मुम्बई के सभी कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए यह संदेश जारी किया है कि वह अपने मन में थोड़ा सा भी निराशा का भाव पैदा न करें। जिस तरीके से पूरे देश में राहुल गांधी जी ने अपनी मेहनत से कमजोर दिख रही कांग्रेस को एक नई मजबूती प्रदान की है,बिल्कुल उसी तर्ज पर नवी मुम्बई में भी कांग्रेस को बेहद मजबूत स्थिती में लाने का प्रयास किया जायेगा।आबा दलवी ने इसके लिए अपनी टीम से,कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को जोड़े जाने का भी संकेत दिया है और कहा है कि इन सामाजिक कार्यकर्ताओं के जरिए,नवी मुम्बई के समस्याओं की प्राथमिकता वाली एक सूची तैयार की जायेगी और फिर इनके निराकरण के लिए हरसंभव प्रयास और संघर्ष किया जायेगा। आबा दलवी ने सिडको,नवी मुम्बई महानगरपालिका,एमआईडीसी और नवी मुम्बई पुलिस जैसी संस्थाओं के लिए भी यह संकेत दिया कि इन संस्थाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार की अनेक शिकायतें उनके पास, कुछ दस्तावेजी सबूतों के साथ पहुंच रही हैं,जिनके तथ्यों पर रिसर्च किया जा रहा है और इसमें सत्य सामने आने पर जल्द ही ऐसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ बड़े आन्दोलन भी किये जायेंगे और संबंधित अधिकिरियों के गिरफ्तारी की मांग भी की जायेगी। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि आबा दलवी अपनी बातों पर कितना खरा उतर पाते हैं और अपने नेतृत्व में वह नवी मुम्बई कांग्रेस में नई जान फूंक पाते हैं या नही।



