
मराठा समाज के वर्तमान में स्थापित सबसे बड़े नेता मनोज जारंगे पाटील द्वारा, महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े, एक ऐसे ऑडियो बम का धमाका किया गया है कि इससे महाराष्ट्र की युती सरकार जड़ से हिलती दिखाई दे रही। जारंगे के इस ऑडियो बम का सबसे बड़ा असर यह हुआ है कि शिवसेना शिन्दे गुट अब खुलकर बीजेपी के खिलाफ मैदान में उतर आई है और कल रात ही उनकी बैठक मुखयमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस के साथ संपन्न हुई है। हालांकि इसका ब्यौरा अभी तक सामने नही आ पाया है।दरअसल जारंगे पाटील ने पत्रकार परिषद लेकर पत्रकारों के सामने एक ऐसी ऑडियो क्लीप चला दी,जिसमें महाराष्ट्र बीजेपी से जुड़ी एक नेत्री, यह कहती दिखाई दे रही हैं कि बीजेपी और शिवसेना शिन्दे गुट ने मिलकर मनोज जारंगे को मैनेज करने के लिए,एकनाथ शिन्दे के बेटे श्रीकांत शिन्दे के हाथों मनोज जारंगे को 500 करोड़ रूपये दिये हैं। मनोज जारंगे ने महाराष्ट्र के एक बेहद ही लोकप्रिय पत्रकार और बीजेपी के एक वरिष्ठ प्रवक्ता के बीच हुई बातचीत का ऑडियो क्लीप भी जारी किया है,जिसमें मनोज जारंगे को बदनाम करने के लिए योजना तैयार की जा रही है और उसकी पूरी रूपरेखा कैसी होगी इसका भी उल्लेख किया जा रहा है। इस बातचीत में शिवसेना शिन्दे गुट के कुछ नेता भी शामिल दिखाई दे रहे हैं।मनोज जारंगे ने इस ऑडियो बम को जारी करने के बाद देवेन्द्र फड़णवीस से यह मांग की कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और यह पता करना चाहिए कि श्रीकांत शिन्दे को इतनी बड़ी रकम किसने दी। मनोज जारंगे के पत्रकार परिषद के बाद बीजेपी और शिवसेना शिन्दे गुट से जुड़े कई नेता,जारंगे के खिलाफ एक सुर में जहर उगलने लगे। इसमें चंद्रशेखर बावनकुले,गिरीश महाजन,प्रवीण दरेकर,उदय सावंत ,रामदास कदम आदि का नाम सबसे आगे रहा। उदय सावंत ने तो ऑडियो में शामिल आवाज में से तीन की पहचान कर,उनकी नामों का खुलासा भी कर दिया और कहा कि यह तोनों भाजपा से जुड़े लोग हैं और यह शिन्दे साहब के खिलाफ कोई गहरी साजिश का हिस्सा है। उदय सावंत ने इस ऑडियो में शामिल जिन तीन नामों की पहचान की,उसमें भाजपा की श्वेता शालिनी,अतुल भातखलकर और पत्रकार कुलकर्णी का नाम शामिल है। वहीं रामदास कदम ने यह आरोप लगाया कि यह ऑडियो 2024 का है,फिर जारंगे इस ऑडियो क्लीप को इतने दिन बाद क्यो॔ जारी कर रहे हैं,क्या यह ऑडियो किसी को ब्लैकमेल करने के लिए जारी किया गया है। हालांकि अभी तक इस मामले पर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस की कोई प्रतिक्रिया सामने नही आई है,मगर ज्यादातर राजनीतिक विश्लेषक इस खेल को देवेन्द्र फड़णवीस से जोड़कर ही देख रहे हैं। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि देवेन्द्र फड़णवीस से मुलाकात के बाद,शिवसेना शिन्दे गुट के नेता इसपर आगे क्या रूख अख्तियार करते हैं।



