उद्धव से प्रेम करनेवाले हिन्दीभाषियों का अब कांग्रेस की ओर रूख

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को ऐसा लगता है कि उन्हे सबसे ज्यादा प्रसिद्धी और मत हिन्दीभाषियों का विरोध करने से मिलता है,यही कारण है कि आये दिन मनसैनिक किसी न किसी हिन्दीभाषी को टार्गेट करते दिखाई देते हैं। हालांकि महाराष्ट्र की प्रबुद्ध जनता ने कभी भी मनसैनिकों का साथ चुनावी लड़ाई में नही दिया,मगर एक कहावत है कि भले ही नाम बदनाम क्यों न हो,मगर लोगों के बीच में नाम बना रहना चाहिए,कुछ ऐसी ही हालत मनसैनिकों की है। कानून तोड़ना,सरकारी अधिकारियों को धमकाना,प्रांतवाद और भाषावाद के नाम पर कमजोर लोगों,व्यापारियों और उधोगपतियों को प्रताड़ित कर उसका गैर फायदा लेना,यह अब मनसे का दिनचर्या बन चुका है। मगर पीछले कुछ महीनों में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच जिस तरह से नजदीकियां बढ़ी हैं,उससे अब यह सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या राज ठाकरे की पार्टी मनसे के, उद्धव ठाकरे के साथ आने से,उद्धव ठाकरे के मराठी वोट में बड़ी वृद्धि होगी या फिर उद्धव ठाकरे से सहानुभूति रखनेवाले, हिन्दीभाषियों और मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग उनसे दूर चला जायेगा। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो उद्धव-राज के साथ आने से,उद्धव से ज्यादा राज को राजनीतिक फायदा मिलने की उम्मीद है,क्योंकी जिस मराठी वोटर की अपेक्षा उद्धव को राज के साथ आने से है,उसका फायदा जब स्वयं राज को हासिल नही हो पाया है,तो फिर उद्धव को कहां से हासिल हो पायेगा। हां अगर उद्धव राज को इस बात के लिए मना लेते हैं कि वह हिन्दीभाषी विरोधी अभियान के बदले,महाराष्ट्र के अन्य ज्वलंत समस्याओं के उपर ज्यादा ध्यान दें,तो शायद उद्धव और राज के इस मिलन को, हिन्दीभाषी और मुस्लिमों का भी एक बड़ा समर्थन हासिल हो सकता है। वैसे भी जेनजी के आन्दोलन के बाद, दादर के शिवाजी पार्क में युवाओं की जो एक बड़ी संख्या,उद्धव और राज के निवेदन पर उपस्थित हुई थी,उसमें हिन्दीभाषी और मुस्लिम युवाओं का भी समावेश था। जब तक राज ठाकरे की पार्टी नकारात्मक प्रसिद्धी से बाहर निकलकर सकारात्मक प्रसिद्धि में प्रवेश नही करेगी,तबतक वह महाराष्ट्र में एक बड़े राजनीतिक पार्टी का रूप नही ले सकेगी,यह तय है।अगर मनसे का हिन्दीभाषी विरोधी अभियान इसी तरीके से जारी रहा,तो जल्द ही उद्धव ठाकरे से भी जुड़े हिन्दीभाषी और मुस्लिम वर्ग के लोग,उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ कांग्रेस की ओर अपना रूख कर लेंगे।



