पुलिस वालों के बच्चों के यूनियन ने उठाई आवाज

अपने वर्दीधारी मम्मी पापा के साथ होनेवाले किसी भी प्रकार के गैरवर्तन या सरकारी अन्याय के खिलाफ,आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से पुलिस ऑफिसर ब्वाइज एसोसिएशन नामक एक संस्था का निर्माण पुलिस ऑफिसर और पुलिस कर्मचारियों के बच्चों द्वारा किया गया है। चूकि पुलिस फोर्स में किसी भी प्रकार के यूनियनबाजी को अवैध माना गया है,ऐसे में अपने वर्दीधारी मम्मी पापा की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का काम उनके बच्चे,पुलिस ऑफिसर्स ब्वाइज एसोसिएशन के द्वारा करते हैं।अब यह एसोसिएशन काॅकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को दी गई सुरक्षा को हटाने की मांग कर रहा है। इस एसोसिएशन का कहना है कि अभिजीत की सुरक्षा को लेकर जब एक पुलिस अधिकारी ने,उनको कुछ खास दिशा निर्देश देने की कोशिश की,तो अभिजीत दिपके ने उनका सार्वजनिक रूप से अपमान किया। इसी बात से खफा होकर पुलिस ऑफिसर ब्वाइज एसोसिएशन ने तत्काल प्रभाव से अभिजीत की सुरक्षा में लगे,पुलिसकर्मियों को तत्काल हटाने की मांग की है और यह भी कहा है कि जो व्यक्ति अपनी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों का ही अपमान करेगा,फिर वही पुलिस उसे कैसे सुरक्षा देने के बारे में सोच सकती है।दरअसल यह विवाद तब बढ़ा जब एक पुलिस अधिकारी ने अभिजीत के घर पर,उनसे मिलने के लिए आनेवाले लोगों को लेकर, अभिजीत को कुछ निर्देश देने का प्रयास किया। इसपर अभिजीत भड़क गये और पुलिस अधिकारी को कैमरे के सामने यह कहा कि अब मुझे तुमसे पूछकर किसी से मिलना पड़ेगा। इस प्रकरण का एक पूरा विडिओ सोशल मीडिया में वायरल हो गया। इसमें अभिजीत के तेवर थोड़े सख्त दिखाई दे रहे थे,इसी से पुलिस ऑफिसर ब्वाइज एसोसिएशन का गुस्सा भड़क उठा और अब वह अभिजीत की सुरक्षा को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।हालांकि कुछ लोग इसको बीजेपी की कारस्तानी भी बता रहे हैं,इनका तर्क है कि बीजेपी किसी न किसी पुलिसवाले के बहाने अभिजीत को गुस्सा दिलाने का कार्य करती है और फिर अपने किसी पुलिसवालों से ही, उसका वीडियो बनवाकर अभिजीत को बदनाम करने का प्रयास करती है और यह वीडियो भी बीजेपी के इसी षड्यंत्र का नतीजा है। खैर कुछ भी हो मगर जिस तरीके से नेहा बोरा पर सार्वजनिक रूप से स्याही फेंकी गई या कुछ गुन्डे तत्व के लोग, जिस तरीके से जंतर मंतर के आन्दोलन में शामिल होनेविले युवाओं के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं,उसको देखते हुए अभिजीत को सुरक्षा प्रदान करना महाराष्ट्र सरकार की जिम्मेदारी है।



