मगर पुलिस द्वारा हत्या का बताया गया कारण बेहद संदेहास्पद

नवी मुम्बई के वाशी मिनी सी शोर के नजदीक,सुजल महतो नामक जिस युवक की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी,अब इस हत्याकांड से जुड़े दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मगर आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड से कारण से जुड़ी जो कहानी,पत्रकारों के सामने पेश की है,वह बेहद संदेहास्पद है। पुलिस की मानें तो गिरफ्तार किये गये दोनों आरोपियों के नाम साहिल सुर्वे और साहिल खरात हैं।पुलिस ने पत्रकारों को यह बताया कि मृत सुजल एक ऑटो ड्राइवर था और गिरफ्तार किये गये दोनों आरोपी कोपरखैरणे से मानखुर्द जाने के लिए,उसके ऑटो में सवार हुये थे। बीच रास्ते में भाड़े को लेकर आरोपियों के साथ सुजल की बहस हो गई और इसी में आरोपियों ने अपने पास रखे धारदार हधियार से सुजल पर हमला कर दिया,जिसमें उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पत्रकारों को यह भी बताया कि सुजल भाड़े के रूप में डेढ़ सौ रूपये की मांग कर रहा था,जबकि आरोपी उसे 100 रूपये देने की बात कर रहे थे,इसी में इनलोगों की आपस में झड़प हो गई और इस हत्याकांड को अंजाम दे दिया गया। कोई भी अनुभवी पत्रकार, पुलिस के इस तर्क को या आरोपियों की इस जुबानी को स्विकार नही कर सकता। क्योंकी कोपरखैरणे से मानखुर्द तक का भाड़ा रात के 12 बजे से सुबह पांच बजे तक कम से कम 300 रूपये होता है,ऐसे में सुजल सुबह चार बजे डेढ़ सौ रूपये भाड़े की बात क्यों करेगा। दूसरी बात यह कि यह हत्या वाशी के मिनी सी शोर इलाके में हुई है,जो कोपरखैरणे से मानखुर्द के रास्ते के बीच नही आता है। ऐसे में आरोपी अगर ऑटो में सुजल के साथ मौजूद थे,तो मिनी सी शोर की ओर जाने के पीछे कोई तो और कारण होगा।मुम्बई तपास को गोपनीय सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिली है,उसके मुताबिक इस हत्याकांड की प्रत्यक्षदर्शी गवाह कोई एक लड़की है और इसी लड़की द्वारा पुलिस को सबसे पहले इस हत्याकांड की जानकारी दी गई। पुलिस की थ्योरी को अगर मान भी लिया जाये तो सवाल यह उठता है कि जब इन दोनों आरोपियों के पास पहले से हथियार थे तो वह सुजल को हथियार का भय दिखाकर भी सीधे मानखुर्द ले जा सकते थे,फिर वह वाशी के मिनी सी शोर की ओर उसे क्यों ले गये और सीधे तौर पर सुजल की हत्या क्यों कर दी ? खैर यह तो हमारी आशंका है,मगर कहानी तो पुलिस की ही प्रामाणिक मानी जायेगी।



