सदस्यता बहाल रहेगी या जायेगी,न्यायालय के इसी आदेश पर होगा सारा दारोमदार

नवी मुम्बई के सभी दस स्वीकृत नगरसेवकों की सदस्यता को रद्द करने संबंधी एक चुनावी याचिका,बेलापूर के सिनीयर जज की अदालत में पिछले 7 महीनों से लंबित है। यह याचिका आरटीआई कार्यकर्ता और समाजसेवक राजीव मिश्रा के द्वारा दाखिल की गई है। इस याचिका के द्वारा राजीव मिश्रा ने यह आरोप लगाया है कि स्वीकृत नगरसेवकों के चयन को लेकर जो सरकार द्वारा निर्धारित जरूरी चयन प्रक्रिया है,उसका पालन नवी मुम्बई महानगरपालिका आयुक्त द्वारा नही किया गया है और कई ऐसे नगरसेवकों को चयनित कर लिया गया है,जिनकी योग्यता चयन के लिए निर्धारित जरूरी योग्यता से मेल नही खाती।राजीव मिश्रा के इस चुनावी याचिका को स्विकार नही किया जाना चाहिए,इसको लेकर सभी चयनित 10 नगरसेवकों के द्वारा न्यायालय में सिवील प्रोसिडियोर कोड के सेक्शन सात (ग्यारह) के अंतर्गत इस याचिका को चुनौती दी गई है। इसपर दोनों तरफ की सुनवाई न्यायालय में पूरी हो चुकी है और अगर न्यायालय स्वीकृत नगरसेवकों की चुनौती याचिका को खारिज कर देता है तो सभी 10 स्वीकृत नगरसेवकों की सदस्यता का जाना,लगभग तय हो जायेगा और अगर नगरसेवकों की चुनौती याचिका को न्यायालय स्विकार कर लेता है तो फिर राजीव मिश्रा को नये सिरे से नगरसेवकों की चयन प्रक्रिया को मुम्बई उच्च न्यायालय में चुनौती देनी पड़ेगी या फिर बेलापूर न्यायालय के आदेश के खिलाफ मुम्बई उच्च न्यायालय में अपील करनी पड़ेगी।वैसे न्यायालय ने दोनों तरफ की सुनवाई पूरी हो जाने के बाद,निर्णय को सुरक्षित रख लिया है और इस निर्णय को पास करने की तारीख 8 सितंबर 2026 निर्धारित कर दिया है।



