मुम्बई उच्च न्यायालय के सख्त रूख से फिर से होगी गंभीर जांच

18 साल पहले नवी मुम्बई में तत्कालीन कांग्रेसी नगरसेवक, अनंत काले की उनके घर के नजदीक ऐरोली में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मगर इस हत्याकांड के आरोपियों की पहचान करने और उन्हे गिरफ्तार करने में स्थानीय पुलिस के साथ साथ राज्य की सीआईडी भी पूरी तरह असफल रही और आज भी इस हत्याकांड का कोई खुलासा सामने नही आ सका है।मगर स्वर्गीय अनंत काले के पुत्र प्रदीप काले ने 18 वर्ष बित जाने के बाद भी,अपने पिता की हत्या में न्याय की उम्मीद नही छोड़ी है और उन्होंने इसको लेकर मुम्बई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा दिया है। मुम्बई उच्च न्यायालय ने जब प्रदीप काले की याचिका पर सुनवाई शुरू की,तब यह जानकर उच्च न्यायालय भी दंग रह गया कि एक नगरसेवक की गोली मारकर हत्या किये जाने के बावजूद,पुलिस या सीआईडी किसी आरोपी तक क्यों नही पहुंच पाई। इसके बाद मुम्बई उच्च न्यायालय ने इस हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने के उद्देश्य से,इस याचिका में सीबीआई को भी पार्टी बनाने का निर्देश प्रदीप काले को दिया। फिर प्रदीप काले की तरफ से सीबीआई को पार्टी बनाकर,इस याचिका के जरिए इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की मांग उच्च न्यायालय के समक्ष की गई। इसपर मुम्बई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सीआईडी के एडीशनल डीजी से इसपर उनकी राय मांगी है और इस याचिका की सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित कर दी है।मुम्बई तपास को विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से जो खबर मिली है,उसके मुताबिक इस हत्याकांड में ऐरोली के एक प्रसिद्ध होटल के मालिक सहित नवी मुम्बई के कुछ स्थानीय राजनेताओं की भी मुख्य भूमिका रही है,इसके कुछ सबूत सीआईडी के पास भी पहुंचे हैं। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि मुम्बई उच्च न्यायालय के दखल के बाद भी, अनंत काले के परिवार को इस हत्याकांड में इंसाफ मिलता है या नही और क्या जिन प्रभावशाली लोगों का नाम अभी तक पर्दे के पीछे है,वह सामने आता है या नही।



