मुम्बई तपास की आशंका हुई सच,नवी मुम्बई महानगरपालिका में बीजेपी और शिन्दे गुट आपस में भिड़े

जो लोग लगातार मुम्बई तपास की खबरों से जुड़े हैं,उन्हे कल ही यह पता चल गया था कि नवी मुम्बई महानगरपालिका की आज की महासभा, बेहद ही गरमागरम रहने वाली है। हुआ भी कुछ ऐसा ही,रिडेव्हलपमेन्ट और क्लस्टर के मुद्दे पर,शिवसेना एकनाथ शिन्दे गुट के नगरसेवकों की बीजेपी के नगरसेवकों से जबरदस्त झड़प हो गई। हालांकि यह झड़प मौखिक तौर पर ही हुई, मगर एक समय स्थिती इतनी बिगड़ गई कि ऐसा लगा मानो शिवसेना शिन्दे गुट के नगरसेवक किशोर पाटकर पर,बीजेपी के नगरसेवक शारिरीक हमला भी कर देंगे, मगर इस स्थिती को बीच बचाव कर संभाला गया।दरअसल नवी मुम्बई के पुरानी और खतरनाक ईमारतों के, जोरों से चल रहे रिडेव्हलपमेन्ट के कार्य के बाद, अब नवी मुम्बई में क्लस्टर परियोजना की भी,घणसोली से शुरूआत होने जा रही है। बीजेपी के स्थानीय नेता और नगरसेवक, इस अंधाधुंध रिडेव्हलपमेन्ट और क्लस्टर परियोजना का विरोध करने में जुटे हैं,जबकि एकनाथ शिन्दे गुट के स्थानीय नेता और नगरसेवक पूरी तरह इसके समर्थन में हैं। नवी मुम्बई महानगरपालिका में बीजेपी का बहुमत होने के कारण,सभागृह नेता सागर नाईक के नेतृत्व में, रिडेव्हलपमेन्ट और क्लस्टर की किसी भी परियोजना को मंजूरी देने से पहले,एक स्वतंत्र एजेन्सी से इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट तैयार करने संबंधी एक प्रस्ताव महासभा में लाया गया था,जिसपर चर्चा के दौरान सागर नाईक ने,रिडेव्हलपमेन्ट और क्लस्टर जैसी योजनाओं से,शहर की बुनियादी सुविधायें कितनी प्रभावित होंगी इसपर प्रकाश डालते हुए,पालिका आयुक्त से यह सवाल किया कि इससे शहर में बढ़ने वाली आबादी और गाड़ियों की संख्या को लेकर, क्या पालिका प्रशासन ने इसके लिए पर्याप्त पानी,सिवरेज,सड़क,बिजली,पार्किंग,गार्डेन,खेल के मैदान,ट्रैफिक आदि की व्यवस्था को लेकर कुछ विचार किया है,अगर हां तो उसका रोडमैप महासभा के सामने रखा जाये।सागर नाईक के इस सवाल पर आयुक्त का जवाब आने से पहले, एकनाथ शिन्दे गुट के नगरसेवक किशोर पाटकर ने माईक पर अपना अधिकार जमा लिया और सागर नाईक के सामने ही यह सवाल खड़ा कर दिया कि जब उन्हे शहर की इतनी ही चिंता थी तो फिर उन्ही के पार्टी के शासनकाल में,नवी मुम्बई में 20 हजार अनधिकृत ईमारतें कैसे बन गईं और इन ईमारतों के बनते वक्त, उन्हे शहर की बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ने वाले दबाव का ख्याल क्यों नही आया।किशोर पाटकर के इस वक्तव्य के बाद बीजेपी के सारे प्रकल्पग्रस्त नगरसेवक किशोर पाटकर पर भड़क उठे और उन्होंने तिव्र शब्दों में किशोर पाटकर के इस वक्तव्य का यह कहकर विरोध किया कि वह प्रकल्पग्रस्तों के गरजेपोटी घर को अनधिकृत कह रहे हैं। प्रकल्पग्रस्त नगरसेवकों ने किशोर पाटकर पर माफी मांगने का भी दबाव बनाया। स्वयं महापौर सुजाता पाटिल,किशोर पाटकर के खिलाफ बेहद आक्रमक दिखाई दीं और उन्होंने कई बार माईक पर किशोर पाटकर को माफी मांगने की हिदायत दी। मगर किशोर पाटकर ने मामले को तब और गरम कर दिया जब उन्होंने कहा कि गावठण क्षेत्र में बने,कई अवैध ईमारतों में डांस बार चलाये जा रहे हैं,मगर स्थानीय नगरसेवक उसके खिलाफ कुछ नही बोलते। उनका अप्रत्यक्ष ईशारा तुर्भे के नगरसेवक रामचंद्र घरत की ओर था। इसके बाद तो हंगामा और तेज हो गया।अंत में बहुमत के आधार पर सागर नाईक के प्रस्ताव को महासभा ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। मगर शिवसेना के नगरसेवकों ने इस प्रस्ताव की स्वीकृति पर, जल्द ही राज्य सरकार से स्थगन आदेश लाने का ईशारा दिया है।



