दि बा का नाम वोट के लिए चाहिए एयरपोर्ट के लिए नही,भाई जगताप का तीखा हमला

विधानसभा के मानसून सत्र में नवी मुम्बई की दो बेहद ही ज्वलंत मुद्दों को आज प्रमुखता से उठाया गया। एक मुद्दा नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल के नामकरण से जुड़ा था तो दुसरा मुद्दा नवी मुम्बई की अवैध ईमारतों पर मंडरा रहे खतरे से जुड़ा था। नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल को प्रकल्पग्रस्तों के मसीहा माने जानेवाले दि बा पाटिल का नाम दिये जाने को लेकर,विधान परिषद सदस्य बेहद आक्रमक दिखाई दिये और उन्होंने फड़णवीस सरकार पर हमला बोलते हुए यह आरोप लगाया कि बीजेपी के नेताओं को सिर्फ वोट के लिए दि बा पाटिल का नाम चाहिए,एयरपोर्ट के लिए नही। उन्होने यह भी आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार प्रकल्पग्रस्तों को सिर्फ बेवकूफ बनाने का कार्य कर रही है। ज्ञात हो कि नवी मुम्बई में रश्मिता पोपेटा नामक एक महिला ने अपने आमरण अनशन से,नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल के नामकरण के मुद्दे को एक बार फिर गरमा दिया है। ऐसे में मौके पर छक्का मारकर भाई जगताप ने फड़णवीस सरकार की मुसिबत को और बढ़ा दिया है।भाई जगताप के बाद बारी थी,बेलापूर से बीजेपी की विधायक मंदा म्हात्रे की। मंदा म्हात्रे ने मुम्बई उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद,नवी की अवैध बहुमंजिली ईमारतों पर जो तोड़क कार्रवाई का खतरा मंडराने लगा है,उस विषय को उठाते हुए राज्य सरकार से यह मांग की कि इन अवैध ईमारतों को नियमीत किया जाये,क्योंकी इन ईमारतों का निर्माण प्रकल्पग्रस्तों ने मजबूरी में किया है और सरकार इन ईमारतों को पहले ही गरजेपोटी की संज्ञा दे चुकी है,इसलिए इनको संरक्षण प्रदान करना जरूरी है।नवी मुम्बई के इन दोनों ही मुद्दों पर सरकार की तरफ से जो जवाब दिया गया,वह पूरी तरीके से एक टालनेवाला जवाब था,जिसपर न तो भाई जगताप संतुष्ट दिखाई दिये और न ही मंदा म्हात्रे संतुष्ट दिखाई दीं।



