योग्य प्रतियोगियों के साथ विश्वासघात के मिले सबूत

अभी चार दिन पहले तक दिल्ली का जंतर मंतर,प्रतियोगी परिक्षाओं के पेपर लीक को लेकर,छात्रों और युवाओं के जबरदस्त आक्रोश का गवाह बना हुआ था और इस आक्रोश ने बारह साल में पहली बार मोदी सरकार को,किसी आन्दोलन के आगे झुकने पर मजबूर कर दिया। अभी इस आन्दोलन को खत्म हुए तीन दिन भी नही बिते थे कि महाराष्ट्र की दो बड़ी परीक्षाओं में जबरदस्त धांधली के सबूत सामने आये हैं।इसमें से एक परीक्षा महाराष्ट्र सीईटी की है तो दूसरी परीक्षा महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की। महाराष्ट्र सीईटी की परीक्षा में कुछ ऐसे टाॅपरों की सूची सामने आई है,जिनके नंबर दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में 50% से भी कम थे और जेईई की परीक्षा में फिजिक्स,केमेस्ट्री और मैथ में उनके नंबर बेहद ही नीचे थे और जेईई में उनका रैंक भी लगभग अंतीम पायदान पर था। मगर महाराष्ट्र सीईटी में उनका परसेन्टाइल 99% से ज्यादा का है और उनका रैंक 100 के नीचे है। इसका पूरा विवरण और सबूत जुटाने के बाद,कुछ लोगों का यह आरोप है कि महाराष्ट्र सीईटी की परीक्षा में,वर्ष 2023 से इस तरह की गड़बड़ी शुरू की गई है,जो आज बढ़कर लगभग 57% के आसपास पहुंच गई है। ज्ञात हो कि महाराष्ट्र सीईटी की परीक्षा के आधार पर ही बारहवीं पास विधार्थियों का चयन,महाराष्ट्र के उत्कृष्ट व्यवसायिक महाविधालयों में होता है,इसके अंतर्गत सरकार के महत्वपूर्ण महाविधालयों का भी समावेश होता है। यही कारण है कि प्रभावी और प्रभुत्व वाले अभिभावक, अपने पैसे और प्रभुत्व का इस्तेमाल कर अपने बच्चों का उत्कृष्ट महाविधालयों में,महाराष्ट्र सीईटी की धांधली से नामांकन करा लेते हैं और गरीब लेकिन योग्य छात्र, अच्छी प्रतिभा के बावजूद अच्छे महाविधालयों में नामांकन से वंचित रह जाते हैं। महाराष्ट्र के विपक्षी दलों ने इस धांधली के खुलासे के बाद,महाराष्ट्र सीईटी परीक्षा प्रणाली की एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।महाराष्ट्र सीईटी की तरह ही महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की एक परीक्षा पर भी गंभीर धांधली के आरोप लगे हैं। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा तीन महीने पहले ही अन्न और औषध विभाग में,145 पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले गये थे। इस विज्ञापन के बाद,निवेदन करने वाले युवाओं की लिखित परीक्षा ली गई और इसमें करीब 450 प्रतियोगियों का चयन कर,फिर उनका मौखिक साक्षात्कार लिया गया और 145 लोगों की अंतीम सूची तैयार कर ली गई। मगर अब यह परीक्षा भी धांधली के गंभीर आरोप से घिर गई है,क्योंकी इसको लेकर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग में कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। हालात यहां तक आ पहुंचे कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को इस विषय पर सार्वजनिक रूप से,अपनी सफाई देनी पड़ी और आयोग ने यह स्पष्ट किया कि उनके पास जितनी भी शिकायत आई है या इन शिकायतों से जुड़े जितने भी सबूत सामने आये हैं,उन सबके आधार पर वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर इसके गहन जांच की मांग करने वाली है। कुल मिलाकर अगर कहें तो परीक्षा पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के कारण, भारत में प्रतिवर्ष हजारों युवाओं की योग्यता भ्रष्ट व्यवस्था की बलि चढ़ जा रही है और अयोग्य युवाओं का चयन उत्कृष्ट महाविधालयों और नौकरियों के लिए हो जा रहा है।



