नवी मुम्बई पुलिस आयुक्त की अजब गजब चाल ढ़ाल

Date:

हम नही सुधरेंगे बस तंत्रज्ञान सुधारेंगे

आजकल अनेक प्रशासनिक संस्थाओं में, एक बात आम होती जा रही है और वह है प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खुद न सुधरने की,बस तंत्रज्ञान सुधारने की। ऐसे ही प्रचलन की आदत अब नवी मुम्बई पुलिस को हो गई है। जहां एक सिनियर पी आई की ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए एक करोड़ से दो करोड़ की बोली लगाई जाती है,जहां पुलिस आयुक्त और उपायुक्तों की पोस्टिंग के पैसे का इंतजाम,वहां अवैध धंधों में लिप्त लोगों के द्वारा की जाती है और जहां आमलोगों को एक सामान्य एफआईआर दर्ज कराने में नाकों चने चबाने पड़ते हैं,वहां के पुलिस आयुक्त मिलींद भारंबे यह तर्क देते नजर आते हैं कि अब उनकी तांत्रिक निरीक्षण व्यवस्था एआई पर आधारित होगी, जिससे किसी भी केस को सुलझाने में पुलिस को बेहतर मदद मिलेगी।ऐसे ही एक सेन्टर का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस के हाथों पुलिस मुख्यालय में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और नवी मुम्बई पुलिस आयुक्त दोनों ने काफी बड़ी बड़ी बातें की। पत्रकारों ने भी उनकी बड़ी बड़ी बातों को बेहद प्रमुखता से छापा और प्रसारित किया। मगर किसी पत्रकार ने पुलिस आयुक्त से यह सवाल नही किया कि तंत्रज्ञान का इस्तेमाल तो उन चीजों के लिए होता है,जिसकी जानकारी या सबूत पुलिस के पास नही होते,मगर जहां पुलिस जानकारी और सबूत के बाद भी अपराधियों का साथ देती है,उन पुलिस वालों पर कार्रवाई के लिए कौन से तंत्रज्ञान का इस्तेमाल किया जायेगा। अभी कल ही मुम्बई उच्च न्यायालय का जो एक निर्णय उनके वेबसाइट पर अपलोड हुआ है,उसमें नवी मुम्बई पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़ा किया गया हैं।आमलोग प्रतिदिन इस बात के गवाह बनते हैं कि उनके साथ घटी आपराधिक घटना की शिकायत करने, जब वह पुलिस स्टेशन पहुंचते हैं तो कई मामलों में पुलिस उनका एफआईआर लेने से इंकार कर देती है। फिर वह पुलिस उपायुक्त या पुलिस आयुक्त के दरवाजे तक अपनी शिकायत पहुंचाते हैं,फिर भी उन्हे न्याय नही मिल पाता। नवी मुम्बई पुलिस आयुक्त मिलिन्द भारंबे अगर इतने ही प्रमाणिक हैं तो वह पहले,इस जानकारी को सार्वजनिक करें कि उनके पास पिछले तीन सालों में ऐसी कितनी शिकायतें आई हैं,जिसमें पिड़ीत व्यक्ति या शिकायतकर्ता की प्राथमिक शिकायत पर संबंधित पुलिस स्टेशन ने एफआईआर दर्ज नही किया है,साथ ही वह इस बात का भी खुलासा करें कि ऐसी शिकायत सत्य पाये जाने पर उन्होंने कितने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की है। पुलिस आयुक्त को यह भी खुलासा करना चाहिए कि आमलोगों पर निगरानी के लिए तो वह एआई युक्त तंत्रज्ञान को स्थापित कर रहे हैं,मगर अपने भ्रष्ट और अपराधियों के संरक्षक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी के लिए उन्होंने कौन सा तंत्रज्ञान विकसित किया है। माननीय मिलिन्द भारंबे साहब कोई भी व्यवस्था तबतक प्रमाणिक नही बन सकती,जबतक उस व्यवस्था को चलाने वाले लोग प्रमाणिक न हो,शायद इतना ज्ञान तो आपको होगा ही ऐसी अपेक्षा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

उलवे में सामाजिक सुविधाओं का घोर अभाव

50 से ज्यादा सामाजिक सेवा के भूखंडों पर अवैध...

राजू शेट्टी ने केन्द्र सरकार पर लगाया चीनी घोटाले का आरोप

मील मालिकों और व्यापारियों को मिलेगा 20 हजार करोड़...

क्या सागर नाईक भ्रष्टाचार प्रकरण से,गणेश नाईक की छवि पर भी पड़ेगा असर

729 करोड़ के वेस्ट टू एनर्जी प्रकल्प पर सवालिया...

Recent Posts

All

उलवे में सामाजिक सुविधाओं का घोर अभाव

50 से ज्यादा सामाजिक सेवा के भूखंडों पर अवैध कब्जा जिन लोगों ने नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल,अटल सेतू,जेएनपीटी और नवी...

नवी मुम्बई महानगरपालिका आयुक्त ने अपने फिटनेस से जीता सबका दिल

21 किलोमीटर की मैराथन को, 2 घंटे 26 मीनट में किया पूरा नवी मुम्बई के लोगों को 23 अगस्त के...

राजू शेट्टी ने केन्द्र सरकार पर लगाया चीनी घोटाले का आरोप

मील मालिकों और व्यापारियों को मिलेगा 20 हजार करोड़ का अवैध मुनाफा पूरे भारत में अचानक चीनी की किमतों में...

क्या सागर नाईक भ्रष्टाचार प्रकरण से,गणेश नाईक की छवि पर भी पड़ेगा असर

729 करोड़ के वेस्ट टू एनर्जी प्रकल्प पर सवालिया निशान नवी मुम्बई महानगरपालिका के सभागृह नेता, सागर नाईक पर लगे...

उलवे में सिडको की अजब गजब लीला

भारी बारिश के बीच बनाई जा रही है सड़कें खराब सड़कों और गटरों को लेकर,नवी मुम्बई महानगरपालिका और पनवेल महानगरपालिका...

तुकाराम मुंढ़े के नेतृत्व में, अब एफडीए की नजर बड़े सितारों के जाली विज्ञापन पर

अजय देवगन,शाहरूख खान और टाइगर श्राॅफ को 50-50 लाख का नोटिस भारत के लोग अपने घरों के टीवी पर जिस...

सिडको रेलवे स्टेशन के कामगारों के साथ सांसद नरेश म्हस्के की हुई बहस

भारतीय रेल लेने जा रही है,सिडको के रेलवे स्टेशन का कब्जा सिडको के रेलवे स्टेशन पर बहुत जल्द भारतीय रेल...

सिडको और पालिका की तिजोरी में बंद है,एक दर्जन से अधिक नगरसेवकों का भविष्य

बीजेपी और शिवसेना शिन्दे गुट के कई वरिष्ठ नगरसेवकों पर अयोग्यता की तलवार नवी मुम्बई महानगरपालिका के निर्वाचन अधिकारी की...

गणेश नाईक की कोप दृष्टि नैवेद्य और अलबेला पर

विपक्ष ने कहा अवैध ईमारत पसंद लेकिन वैध ईमारतों की छोटी गलती पर भी नजर पिछले पांच साल से नवी...

नवी मुम्बई महानगरपालिका और पुलिस प्रशासन में ठनी

मुम्बई उच्च न्यायालय के सख्त आदेश से पुलिस महकमा का पारा चढ़ा मुम्बई उच्च न्यायालय में,नवी मुम्बई पुलिस प्रशासन के...

पालिका की महिला विभाग अधिकारी को 25 लाख का मुआवजा

राज्य सरकार को मुआवजे की राशि, पुलिसवालों से वसूलने की स्वतंत्रता मुम्बई तपास ने मुम्बई उच्च न्यायालय में चल रहे,...

पालघर में 19 वर्षीय युवती से सामूहिक बलात्कारअपने पुरूष मित्र के साथ घूमने गई थी महिला

आजकल अनजान और एकांत जगहों पर प्रेमी युगलों का जाना,उनके लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है,इसका एक उदाहरण...

Follow us

26,400FansLike
7,500FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Popular

spot_img

Popular Categories