अपने मसीहा दि बा पाटिल के नामकरण को लेकर जंतर मंतर पर आज करेंगे प्रदर्शन

नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल का नाम,नवी मुम्बई के प्रकल्पग्रस्तों के मसीहा दि बा पाटिल के नाम पर रखा जाये,इसको लेकर नवी मुम्बई कई बार बड़े आन्दोलनों का गवाह बन चुकी है। मगर इस बार प्रकल्पग्रस्तों ने सीधा दिल्ली का रूख किया है। आज 5 अगस्त को, दिल्ली के जंतर मंतर पर नवी मुम्बई के प्रकल्पग्रस्त भारी संख्या में जुटनेवाले हैं और केन्द्र सरकार को यह संकेत देनेवाले हैं कि अगर उनकी मांग को तुरंत स्विकार नही किया गया,तो वह नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल को बाधित भी कर सकते हैं।हालांकि 4 अगस्त को भिवंडी के सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा के नेतृत्व में,प्रकल्पग्रस्तों के एक शिष्टमंडल ने केन्द्रीय विमानन राज्य मंत्री राममोहन नायडू से मुलाकात की और इस दौरान उन्हे यह बताया गया कि नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल के नामकरण का प्रस्ताव,मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेजा गया है। मगर प्रकल्पग्रस्तों की मांग पूरी करने के लिए कोई डेडलाइन नही दी गई। इससे असंतुष्ट प्रकल्पग्रस्तों ने अपने 5 अगस्त के प्रदर्शन को,पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही पूरा करने का निर्णय लिया है।नवी मुम्बई के प्रकल्पग्रस्तों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जिन चार प्रकल्पग्रस्त नेताओं को उन्होंने अपने विधायक के रूप में चुना है,वह चारो भारतीय जनता पार्टी से हैं और पार्टी से अलग हटकर वह प्रकल्पग्रस्तों के साथ जाने को तैयार नही हैं। दूसरी बात यह कि प्रकल्पग्रस्तों के आन्दोलन को अभी तक किसी भी प्रकार के आर्थिक या पब्लिक सहायता के लिए,यही चारो विधायकों का योगदान सबसे ज्यादा रहता था,जो इस बार प्रकल्पग्रस्तों को नही मिल पा रहा है,इससे उनकी आन्दोलन शक्ति थोड़ी कमजोर पड़ गई है और उन्हे भिवंडी के सांसद बाल्या मामा का सहारा लेना पड़ रहा है। अब देखना यह है कि नवी मुम्बई के जिन प्रकल्पग्रस्तों की मांगों को, महाराष्ट्र सरकार आजतक बेहद गंभीरता से लेती आई है,उन्ही प्रकल्पग्रस्तों को इस मांग को केन्द्र सरकार कोई महत्व देती है या नही।



