बेहद ही सधे और प्रमाणिकता के साथ नवी मुम्बई के सुनियोजन पर व्यक्त की अपनी भावना

आजकल शिक्षा के महत्व और उसके सुनियोजन को लेकर, जेन जी द्वारा किये जा रहे जिन आन्दोलनों से पूरे देश में एक बदलाव का माहौल दिखाई दे रहा है,उस शिक्षा का प्रभाव लोगों के व्यक्तित्व पर क्या पड़ता है,इसकी एक झलक आज के नवी मुम्बई महानगरपालिका की महासभा में भी दिखाई दी। रिडेव्हलपमेन्ट और क्लस्टर परियोजना के नियोजन पर जारी बहस में,वैसे तो कई वक्ताओं ने कुछ अच्छी बात कही मगर नगरसेविका नेत्रा शिर्के ने तो सबका दिल ही जीत लिया। उन्होंने जितने बेहतरीन तरीके से शहर के विकास को परिभाषित किया और जितने बेहतरीन तरीके से जनप्रतिधियों की भूमिका और उनसे जनता की अपेक्षाओं का वर्णन किया,वह काबिले तारीफ था। वह जब शहर के विकास को परिभाषित कर रही थीं तो ऐसा लग रहा था मानो कोई बहुत ही ज्ञानी शहर का नियोजनकार बोल रहा हो और जब वह जनप्रतिनिधियों की भूमिका और उनसे जनता की अपेक्षा पर बोल रही थीं,तो ऐसा लग रहा था मानो नवी मुम्बई महानगरपालिका में सुषमा स्वराज का नया जन्म हो गया है।नेत्रा शिर्के ने शहर के नियोजन पर विस्तार से बोलते हुए यह कहा कि सिर्फ सिमेन्ट का जंगल खड़ा कर देना ही विकास नही है,बल्कि मकानों और जनसंख्या के अनुपात में लोगों को उचित और श्रेष्ठ बुनियादी सुविधा प्रदान करना विकास का पहला कर्तव्य होना चाहिए। इन बुनियादी सुविधाओं में उन्होंने पर्याप्त शुद्ध जल,शुद्ध वातावरण,पर्याप्त पार्किंग,सड़क,सिवरेज,गार्डेन,स्कूल,अस्पताल,काॅलेज,मार्केट आदि का जिक्र करते हुए यह कहा कि इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कोई भी शहर,शहर नही रह जाता। इसके अलावा उन्होंने नवी मुम्बई जैसे शहर में प्राकृतिक पर्यटक स्थलों की कमी पर भी चिंता जाहिर की । नेत्रा शिर्के ने स्पष्ट किया कि वह रिडेव्हलपमेन्ट या क्लस्टर योजना के खिलाफ नही हैं,मगर इनको अपनाते वक्त पालिका को सर्वसमावेशक विकास की धारणा का ध्यान रखना चाहिए।इसके बाद नेत्रा शिर्के ने सभागृह को यह बताने का प्रयास किया कि नवी मुम्बई की जनता अपने टैक्स के पैसे की पूरी तिजोरी को,हम जनप्रतिनिधियों के हवाले यह सोचकर कर देती है कि हम उनकी तिजोरी का इस्तेमाल उनके और शहर के भले के लिए करेंगे,ऐसे में हमारा यह दायित्व बनता है कि हम अपने आचरण से उन्हे निराश न करें और नवी मुम्बई जैसे शहर के नियोजन को न सिर्फ सुरक्षित रखें बल्कि इसके नियोजन की सुन्दरता को और निखारने का कार्य करें। इसलिए अंधाधुंध रिडेव्हलपमेन्ट या क्लस्टर की परियोजनाओं को लागु करने से पहले विभाग निहाय इम्पैक्ट असेसमेन्ट किया जाना जरूरी है और फिर इसके आधार पर एक सर्वसमावेशक रिडेव्हलपमेन्ट या क्लस्टर की योजना को लागु किया जाना चाहिए।



