उद्भव ठाकरे ने जंतर मंतर के आन्दोलन को भाजप बनाम भारत का संघर्ष बताया

जंतर मंतर के आन्दोलन के बाद,जिस तरीके से मोदी सरकार को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर होना पड़ा,उसको लेकर कई राजनीतिक दल अपने अपने तरीके से इसका जल्लोष कर रहे हैं। मुम्बई के शिवाजी पार्क में आज ठाकरे बंधुओं द्वारा विजयोत्सव मनाने की घोषणा की गई थी और इसमें उपस्थित रहने के लिए युवाओं से निवेदन किया गया था। ठाकरे बंधुओं के इस निवेदन पर हजारों की संख्या में महाराष्ट्र के युवा शिवाजी पार्क में उपस्थित हुए।इस अवसर पर राज ठाकरे ने ज्यादा कुछ न बोलते हुए,नीट परीक्षा पेपर लीक के बाद जिन 21 छात्रों ने आत्महत्या की थी,उनके नामों का वर्णन कर उनको श्रद्धांजलि प्रदान की और इसके लिए एक मीनट के मौन की घोषणा की। मगर इसके बाद जब उद्धव ठाकरे की बारी आई,तो उन्होंने बेहद चंद शब्दों में ही वर्तमान केन्द्र सरकार पर कई बड़े प्रहार कर दिये। उद्धव ठाकरे ने जंतर मंतर के आन्दोलन की सफलता को अंधभक्ति पर देशभक्ति की जीत बता दिया और इस आन्दोलन के संघर्ष को भाजप बनाम भारत के संघर्ष की संज्ञा दे डाली। उन्होंने इस आन्दोलन में युवाओं की दिखी एकता की जमकर प्रशंसा की। इस अवसर पर उद्धव ठाकरे ने केन्द्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सितारमण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह पेपर लीक के फायदे समझा रही थीं,जैसे नीतिन गडकरी इथेनाॅल के फायदे समझाते नजर आते हैं। उद्धव ठाकरे ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को भी नही बख्शा और कहा कि वह देश के सीमा की रक्षा करने की बजाए,धर्मेंद्र प्रधान की रक्षा में जुटे थे।उद्धव ठाकरे ने अति उत्साह में एक गलत बात भी कह दी,जिससे वह भाजपा के निशाने पर आ सकते हैं और वह बात थी अभिजीत दिपके और उनके युवा साथियों को विष्णु का अवतार बताने की। खैर कुछ भी हो मगर ठाकरे बंधुओं के लिए युवाओं की यह जागृति,उनकी राजनीति की नई संजीवनी साबित हो सकती है



