मगर आलोचना की तो फड़णवीस की नजर मे महाराष्ट्र का अपमान

मिसींग लिंक पर हुए भूस्खलन,मुम्बई के कई नवनिर्मित सड़क और पुलों पर पड़े गढ्ढे और फिर समृद्धि महामार्ग के जगह जगह टूटने की खबर से, महाराष्ट्र का विकास कार्य पहले से ही भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में था, अब इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी योजना बुलेट ट्रेन का भी नाम जुड़ गया है।बुलेट ट्रेन के लिए ठाणे जिले के उल्लाहस नदी पर बना नवनिर्मित पुल बिना किसी उद्घाटन के ही,नदी के बहाव में बह गया। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार और रेलवे की जमकर आलोचना शुरू हो गई है। ज्ञात हो कि मिसींग लिंक पर हुये भूस्खलन के बाद,जब महाराष्ट्र सरकार की जमकर आलोचना होने लगी तो मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने मिसींग लिंक के निर्माण की तारीफ करते हुए और बचाव करते हुए,आलोचकों को यह धमकी दी थी कि महाराष्ट्र का अपमान करनेवालों को बख्शा नही जायेगा। अब बुलेट ट्रेन के लिए निर्मित पुल के बहने के बाद, कुछ लोग यह सवाल खड़े कर रहे हैं कि कहीं इसकी आलोचना को भी तो, महाराष्ट्र के अपमान से जोड़ नही दिया जायेगा।



