
सामान्य भक्तों के भक्ति की बदौलत, जिस लालबाग के राजा गणेशोत्सव मंडल को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हुई है,आज वही मंडल अपने वीआईपी को विशेष सुविधा देने के चक्कर में,आम भक्तों की जान से खिलवाड़ करता दिखाई देता है। इस मंडल की लापरवाही से इस साल,अबतक तीन भक्तों की जान जा चुकी है,इसमें एक पच्चीस वर्षीय युवक जयदीप नेमाड़े की मौत दम घुटने से हो गई तो 8 वर्ष की मासूम रागिनी और 33 वर्षीय सुजाता की मौत करंट लगने से हो चुकी है।जयदीप नेमाड़े पुणे से अपने दोस्तों के साथ लालबाग के राजा के दर्शन करने आया था। मगर अत्यधिक भीड़ के अंदर फंसकर, दम घुटने से उसकी मौत हो गई। वहीं मानखुर्द मंडाला से अपने परिवार के साथ लालबाग के राजा का दर्शन करने आई 8 वर्ष की बच्ची रागिनी और एक 33 वर्षीय महिला सुजाता की मौत, लालबाग के राजा के गेट के पास लगे एक स्टाॅल में करंट का प्रवाह अचानक शुरू होने से हो गई। इस करंट के झटके से चार अन्य भक्त भी घायल हुए हैं,जिन्हे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह सभी भीड़ से बचने के लिए किनारे पर लगे एक स्टाॅल से सटकर खड़े थे,तभी अचानक से वह करंट की चपेट में आ गये।आजकल लालबाग के राजा मंडल की आलोचना इस बात को लेकर बड़े पैमाने पर हो रही है कि मंडल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता केवल बप्पा के वीआईपी भक्तों को सुविधा देने में लगे रहते हैं और इस वीआईपी सुविधा के कारण आम भक्तों को घंटों बेहद संकुचित लाइन में खड़ा रहना पड़ता है,जिससे कई भक्तों की शारिरीक हालत बिगड़ जाती है।



