अंधेरी में महिला की हत्या तो डोंबीवली में चलती ट्रेन में कोयता के वार से तीन घायल

पिछले कुछ वर्षों में सामान्य लोगों की मानसिक परेशानी बेहद तेजी से बढ़ी है,जिसका असर उनके गुस्से के रूप में मुम्बई जैसे विकसीत शहर में भी दिखाई दे रहा है। अब सामान्य लोग भी आपराधिक कृत्य को अंजाम देते आसानी से दिखाई दे जाते हैं। 14 जुलाई की रात सरेआम एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या गला रेतकर कर दी,वह भी अंधेरी के आदर्श नगर जैसे अति सभ्रान्त इलाके में । आदर्श नगर के एच पी पेट्रोल पंप के सामने इन्फिनीटी माॅल के नजदीक,बेहद व्यस्त सड़क पर धीरज पवार नामक एक आरोपी ने,लोगों के सामने ही अपनी पत्नी झुमरी पवार की हत्या गला रेतकर कर दी। दोनों पति पत्नी मुम्बई में दैनिक मजदूरी का कार्य किया करते थे। पुलिस ने घटनास्थल से फरार हुए धीरज पवार को गिरफ्तार कर लिया है।इसी तरीके से मुम्बई अंबरनाथ लोकल ट्रेन के एक माल डब्बे में,सीट को लेकर यात्रियों के दो गुट आपस में उलझ पड़े, जिसके बाद एक गुट ने दूसरे गुट पर कोयता जैसे घातक हथियार से हमला बोल दिया,जिसमें तीन लोग बेहद गंभीर रूप से घायल हो गये,जिसमें दो की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घायलों में राजू वाघमारे,साहिल खंडारे और हितेश कन्नौजिया का नाम शामिल है। इस घटना को डोंबीवली से ठाकुर्ली के बीच में अंजाम देने के बाद,सभी आरोपी हमलावर ठाकुर्ली स्टेशन पर उतरकर फरार होने में सफल रहे। ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले ही, मुम्बई के एक लोकल ट्रेन में,अंधेरी से बोरीवली के बीच एक युवक की चाकू मारकर सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई थी,क्योंकी मृतक और आरोपी के बीच बारिश में दरवाजा बंद करने को लेकर कहासुनी हुई थी। आखिर सामान्य लोगों के अंदर यह हिंसात्मक प्रवृति क्यों लगातार बढ़ती जा रही है, इसका मनोवैज्ञानिक और कानूनी कारण दोनों का अध्ययन किया जाना बेहद जरूरी है।



