
नवी मुम्बई की महापौर सुजाता पाटिल को उस वक्त एक शर्मनाक स्थिती का सामना करना पड़ा, जब वह बारिश में ऐरोली के दो तीन वर्ष पहले ही बनी अग्निशमन विभाग की ईमारत का निरीक्षण करने पहुंची। इन ईमारतों में रहनेवाले अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने,महापौर सुजाता पाटिल को यह बताया कि इन नई ईमारतों में अनेक जगहों से बारिश का पानी रिस रहा है। इसके बाद महापौर ने स्वयं इन ईमारतों के उन जगहों का निरीक्षण किया जहां से जल रिसाव हो रहा था । इस दौरान उन्हे ईमारत के डक्ट एरिया में बड़े पैमाने पर,गंदगी और जल जमाव की समस्या भी दिखाई दी।ज्ञात हो कि ऐरोली के अग्निशमन विभाग की पुरानी ईमारतों को,उनकी जर्जर स्थिती का हवाला देकर,उन ईमारतों को पूरी तरह से तोड़कर,नई ईमारतों का निर्माण किया गया है। मगर पालिका के ठेकेदार द्वारा किये गये घटिया निर्माण कार्य के कारण नई ईमारतों का भविष्य भी अंधकार में नजर आ रहा है।भले ही यह घटिया निर्माण कार्य महापौर सुजाता पाटील के कार्यकाल में न हुआ हो,मगर पालिका प्रमुख होने के नाते,उनके लिए पालिका प्रशासन का यह घटिया निर्माण कार्य किसी शर्मनाक स्थिती से कम नही था।



