समय रहते लोगों से ईमारत को कराया गया खाली

नवी मुम्बई महानगरपालिका की हद में एक और बड़ी ईमारत दुर्घटना होते होते टली। बेलापूर नोड के शाहबाज गांव सेक्टर 19 में भूखंड क्रमांक 1123अ-1125 पर स्थित एक पांचमंजिली ईमारत के प्रथम मंजिल के बालकोनी का स्लैब 4 जुलाई की रात करीब 8.15 बजे भरभराकर नीचे आ गिरा। अविघ्ना नामक इस ईमारत के स्लैब दुर्घटना की खबर मिलते ही,नवी मुम्बई महानगरपालिका के आपत्ति व्यवस्थापन विभाग ने तुरंत कमान संभाल लिया और रात में ही पूरी बिल्डींग को खाली करा लिया गया।ज्ञात हो कि तीन साल पहले ही, बारिश के मौसम में ही एक अवैध 4 मंजिली ईमारत के भरभराकर कर गिर जाने से तीन लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था और इस दुर्घटना की गूंज मुम्बई उच्च न्यायालय में भी सुनाई पड़ी थी। मुम्बई तपास को जो अभी तक सूत्रों के हवाले से खबर प्राप्त हुई है,उसके मुताबिक अविघ्ना ईमारत भी अवैध है और इसके निर्माण के लिए किसी भी प्रकार की स्वीकृति पालिका प्रशासन की तरफ से नही ली गई थी। हालांकि इस संदर्भ में पालिका प्रशासन ने अभी तक कोई ऑफिसियल खुलासा नही किया है। मुम्बई तपास ने बेलापूर के विभाग अधिकारी प्रशांत नेरकर से बात की तो उन्होंने कहा कि वह इस बात की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह ईमारत वैध थी या अवैध,मगर इस संदर्भ में अभी तक वह किसी प्रमाणिक निष्कर्ष पर नही पहुंच पाये हैं। अगर यह ईमारत अवैध साबित हुई तो 7 जुलाई को, नवी मुम्बई के अवैध निर्माण से जुड़े, मुम्बई उच्च न्यायालय में जो चर्चित न्यायालय अवमान याचिका की सुनवाई होनेवाली है,उसमें याचिकाकर्ता द्वारा इस मुद्दे को उठाया जा सकता है।



