
प्रदीप पुर्णेकर की हत्या के बाद आज ठाणे में भयमुक्त ठाणे की मांग को लेकर, एक पत्रकार परिषद का आयोजन किया गया। इसमें विरोधी पक्ष के लगभग सभी बड़े स्थानीय नेता शामिल हुए,इसमें जितेन्द्र आव्हाड,राजन विचारे और अविनाश जाधव का नाम विशेष रूप से शामिल रहा। मगर संयोग देखिए कि इस पत्रकार परिषद में शामिल ज्यादातर नेता ऐसे थे,जो किसी के भी कान के निचे बजाने में माहिर माने जाते हैं और इनकी दबंगई का आलम यह है कि इन्हे सरकारी अधिकारियों के साथ भी, आसानी से गाली गलौज और मारपीट की धमकी देते हुए देखा जा सकता है । जो नेता खुद गुन्डों को बढ़ावा देने और उन्हे पालने में माहिर हैं,अगर वह भयमुक्त ठाणे की बात करें तो इससे बड़ा मजाक का विषय और क्या हो सकता है।जितेन्द्र आव्हाड के उपर मुम्ब्रा के गैंगस्टरों को संरक्षण देने के कई बार आरोप लग चुके हैं तो एक बार उनके द्वारा एक व्यक्ति की बुरी तरह पिटाई किये जाने का विडियो भी सोशल मीडिया पर आज भी उपलब्ध है। वहीं राजन विचारे के उपर भी ठाणे के कई दबंग युवाओं या यूं कहें कि गुन्डों को संरक्षण देने का आरोप लगता रहा है। रही बात अविनाश जाधव की तो उनके दबंगई के कई वीडियो आपको आसानी से सोशल मीडिया पर दिख जायेंगे। अरे भाई जिस भय को पैदा करने में स्वयं आप ही काफी आगे दिखाई देते आये हैं, फिर उस भय से मुक्त ठाणे की शिक्षा आप दूसरे को कैसे दे सकते हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर आमलोग भरोसा करें भी तो किसपर, जब नेताओं की पूरी झूंड ही गुन्डों के साथ खड़ी नजर आती हो।



