
ठाणे के कापूरवाड़ी पुलिस स्टेशन की हद में हुई,शिवसेना यूबीटी के स्थानीय नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या में, अब आरोप प्रत्यारोप का दौर दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। ठाणे की पूर्व महापौर मिनाक्षी शिन्दे ने, अपने और अपने पति पर लगाये गये हत्या के आरोप को पूरी तरह नकारते हुए,पत्रकारों को यह जानकारी दी कि प्रदीप पुर्णेकर ने कुछ दिन पहले ही,लावण्या नाम की एक लड़की के साथ, उसके घर में घुसकर मारपीट की थी। इसके बाद इस लड़की ने अपने ब्वाय फ्रेन्ड से प्रदीप पुर्णेकर की हत्या कराने की बात कही थी।वहीं शिवसेना यूबीटी की फायर ब्रांड नेता सुषमा अंधारे ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि प्रदीप की हत्या से दो दिन पूर्व,ठाणे के पवार नगर में मिनाक्षी शिन्दे और उनके पति ने इस हत्याकांड में शामिल सभी हत्यारों के साथ संध्याकाल में एक मिटींग की थी। इस मिटींग में पप्या शिन्दे,टल्ली,निखिल यादव और नितेश पवार आदि शामिल थे। सुषमा अंधारे और यूबीटी की अन्य महिला नेताओं ने यह आशंका व्यक्त की है कि इस हत्याकांड के पीछे,प्रदीप पुर्णेकर के क्षेत्र में शुरू होने जा रहे एक कलस्टर योजना में, पैदा हो रहा विवाद भी एक मुख्य कारण हो सकता है। इसको लेकर प्रदीप पुर्णेकर के सोशल मीडीया के उस पोस्ट का हवाला दिया जा रहा है,जिसमें पुर्णेकर ने जेवीएम बिल्डर को मौत का सौदागर बताते हुये यह लिखा था कि बहुत जल्द एक नई कहानी लिखी जायेगी या किसी चैप्टर का अंत हो जायेगा। ऐसे में अब यह सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या क्लस्टर की योजनायें जितनी बड़ी हैं,उतने ही बड़े गैंगस्टर अब इसमें शामिल होते जा रहे हैं,क्योंकी पुर्णेकर की हत्या जिस योजनाबद्ध तरीके से की गई है,उससे इस हत्याकांड में गैंगवार की झलक साफ दिखाई देती है। ज्ञात हो कि इससे पहले मुंबई में पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या भी कुछ इसी अंदाज में की गई थी और इसमें भी, एसआरए डेव्हलपमेन्ट के विवाद को एक बड़ा कारण माना जा रहा था।



