
महाराष्ट्र की लगातार बिगड़ती और नष्ट होती जा रही कानून व्यवस्था से जुड़ी,कई खबरों को मुम्बई तपास ने पिछले कुछ दिनों में आपके सामने लाने का प्रयास किया है। मगर ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय पर,इन खबरों का कोई असर ही नही पड़ता है,क्योंकी इन खबरों के सामने आने के बाद भी गृह मंत्रालय द्वारा संबंधित किसी भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की जाती। इससे पुलिस की लापरवाही और भ्रष्टाचार में तथा गुन्डों के मनोबल और हौसलों में बड़ी वृद्धि देखी जा रही है।अभी ठाणे के कापूरवाड़ी पुलिस स्टेशन की हद में,शिवसेना यूबीटी के विभाग प्रमुख प्रदीप पुर्णेकर की जिस तरीके से गोली मारकर और तलवार से काटकर हत्या कर दी गई,उससे पूरे ठाणे में दहशत का माहौल तैयार हो गया है। प्रदीप पुर्णेकर को उनके जनसंपर्क कार्यालय के अंदर ही बेहद ही हैवानियत के साथ मार दिया गया और हत्या करने के बाद सारे आरोपी आसानी से घटनास्थल से फरार हो गये। इस हत्याकांड में 5 से 6 आरोपियों के शामिल होने की, आशंका व्यक्त की जा रही है। प्रदीप के परिवार वाले इसके लिए ठाणे की पूर्व महापौर मिनाक्षी शिन्दे और उनके पति राजा शिन्दे को जिम्मेदार बता रहे हैं। हालांकि पुलिस ने प्रदीप के हत्या में शामिल कुछ आरोपियों की पहचान कर ली है और इनमें से दो संशयितों को गिरफ्तार भी किया गया है। मगर इस हत्याकांड के बाद ठाणे में राजनीतिक उबाल अपने चरम पर दिखाई दे रहा है और प्रदीप के परिवार वाले सहित ठाणे के शिवसेना यूबीटी द्वारा भी, मिनाक्षी शिन्दे और राजा शिन्दे के गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।ठाणे से प्रदीप की हत्या के साथ बारामती से भी एक बेहद ही सनसनीखेज हत्या की खबर सामने आई है। जहां रात्रि में अपने घर में सो रही दो महिलाओं की निर्ममता पूर्वक चाकू से गला चिरकर हत्या कर दी गई। इन दोनों महिलाओं की हत्या बारामती के शेरेवाड़ी इलाके में की गई है और मृत महिलाओं के नाम कृष्णाबाई लड़कत और इन्दुमति लड़कत है। बारामती पुलिस ने इन दोनों महिलाओं के शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अपराधियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। पुलिस की मानें तो घटना के दिन घर पर इन दोनों औरतों के सिवा, परिवार का कोई और सदस्य मौजूद नही था।



