मील मालिकों और व्यापारियों को मिलेगा 20 हजार करोड़ का अवैध मुनाफा

पूरे भारत में अचानक चीनी की किमतों में आई लगभग दोगुनी वृद्धि को,महाराष्ट्र के किसान नेता और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने एक बड़ा घोटाला करार दिया है। इस आरोप के लिए राजू शेट्टी ने सरकारी आंकड़ों का और पहले के चीनी मूल्य का सहारा लिया है। राजू शेट्टी की मानें तो साल 2024-25 में पूरे भारत में चीनी का उत्पादन लगभग 260 लाख टन था,जो साल 2025-26 में बढ़कर 290 लाख टन हो गया। इसके अलावे 2025-26 में सरकार के पास पहले से 50 लाख टन चीनी पूर्व बैलेन्स के रूप में मौजूद था। इस तरह से देखा जाये तो पिछले दो साल में भारत में चीनी की उपलब्धता लगभग 600 लाख टन थी जबकि इसके अनुपात में खपत का आंकड़ा 560 लाख टन का ही होना है,मगर इसके बावजूद चीनी की किमतों में पिछले दिनों अचानक से लगभग दोगुनी वृद्धि कर दी गई। राजू शेट्टी ने पिछले साल के अगस्त महीने का हवाला देते हुए यह भी कहा कि पिछले साल अगस्त महीने में और इस साल के अगस्त महीने में खपत के लिए समान रूप से 22 लाख टन चीनी को स्टाॅक से बाहर निकाला गया है,मगर पिछले साल अगस्त महीने में जिस चीनी की किमत 3700 रूपये क्विंटल थी वह इस साल के अगस्त महीने में 6700 रूपये प्रति क्विंटल हो गई है।राजू शेट्टी ने केन्द्र सरकार के चीनी आयात के निर्णय को लेकर भी गंभीर सवाल उठाये हैं। राजू शेट्टी ने प्रधानमंत्री मोदी को खत लिखकर इस पूरे घोटाले की गहनता से जांच करने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह सबकुछ चीनी मील मालिकों और व्यापारियों को अवैध फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।



