पूर्व अतिक्रमण उपायुक्त अमरीश पटनीगिरे के समय में सबसे ज्यादा हुये अवैध निर्माण कार्य

अभी तक नवी मुम्बई महानगरपालिका में,अपने आपको सबसे ज्यादा कानून का धुरंधर समझनेवाले, पूर्व अतिक्रमण उपायुक्त अमरीश पटनीगिरे पर अब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। नवी मुम्बई में सरकारी जमीनों के अतिक्रमण और उसपर किये गये अवैध बहुमंजिली ईमारतों के निर्माण के खिलाफ,मुम्बई उच्च न्यायालय बेहद सख्त रूप अपनाये हुए है। माननीय न्यायालय ने इसके लिए दोषी अधिकारियो॔ को चिन्हित कर,उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश पालिका आयुक्त को पिछली सुनवाई के दौरान दिये थे।इसके बाद आज पालिका प्रशासन की तरफ से,माननीय न्यायालय में एक 600 से भी ज्यादा पन्ने का प्रतिज्ञापत्र सादर किया गया। जिसमें लगभग 400 अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची वर्ष 2016 से समर्पित की गई,जिनके कार्यकाल में अवैध ईमारतों का निर्माण किया गया है। पालिका प्रशासन ने इन सबों को दिये गये कारण बताओ नोटिस की प्रति को भी न्यायालय के समक्ष पेश किया।इस 600 से ज्यादा पन्नों के प्रतिज्ञापत्र को ध्यान से देखने पर ऐसा लगता है कि पालिका के जो अधिकारी अवकाश ग्रहण कर चुके हैं,उनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा अवैध ईमारतों का निर्माण हुआ है। इसमें सबसे बड़े गुनाहगार के रूप में अमरीश पटनीगिरे का नाम सामने आ रहा है। जो अतिक्रमण घोटाले और रिश्वतखोरी के आरोपी होने के बावजूद वर्ष 2016 से सबसे ज्यादा अतिक्रमण उपायुक्त के रूप में विराजमान रहे हैं। 2016 से लगभग 7 वर्षों तक अमरीश पटनीगिरे अतिक्रमण उपायुक्त का पदभार संभालते रहे हैं। इनपर अतिक्रमण की अवैध वसूली से सैकड़ों करोड़ रूपये की अवैध कमाई का भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगता रहा है।अतिक्रमण उपायुक्त अमरीश पटनीगिरे के बाद बारी आती है विभाग अधिकारियों की। तो इसमें भी अवकाश प्राप्त विभाग अधिकारियों के कार्यकाल में ही, सबसे ज्यादा अवैध निर्माण कार्य के संकेत मिलते हैं। इसमें शशिकांत तांडेल,संजय तायडे,अशोक मढ़वी,महेन्द्र ठोके,महेन्द्र सप्रे,प्रियंका कालसेकर,दतात्रय नागरे आदि का समावेश है। वहीं वर्तमान विभाग अधिकारियों में संजय मोरे,भरत धांडे का समावेश है। प्रतिनियुक्ति पर आये विभाग अधिकारियों में अंगाई सालुंखे,सुबोध ठाणेकर,सुनील काथोले,मनोहर गांगुर्डे आदि के नामों का समावेश है।यह तो पालिका के उन अधिकारियों की सूची है,जो सबसे ज्यादा अवैध ईमारतों के निर्माण में दोषी हैं। इसके अलावे कई कनिष्ठ और उप अभियंताओं का नाम भी इसमें शामिल है। पालिका प्रशासन के इस प्रतिज्ञापत्र पर माननीय न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि इनमें से कितने के खिलाफ, पालिका प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की गई है,वह इसकी सूची न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें। न्यायालय ने नवी मुम्बई जैसे सुनियोजित शहर में,इतने बड़े पैमाने पर किये गये अवैध ईमारतों के निर्माण को एक बेहद ही गंभीर विषय माना और याचिकाकर्ता किशोर शेट्टी को यह निर्देश दिया कि जमीन मालिक होने के नाते,सिडको को भी वह एक प्रतिवादी बनायें। इस निर्देश के साथ ही न्यायालय ने इस मामले को अगले सप्ताह लिस्ट करने का निर्देश न्यायालय रजिस्ट्रार को दिया।



