
नवी मुम्बई में अभी भी अवैध बहुमंजिली इमारतों का निर्माण जोरों पर
पिछले एक साल में अकेले घणसोली विभाग कार्यालय ने दर्ज कराये 25 से ज्यादा एफआईआर
नवी मुम्बई में सिडको और एमआईडीसी की जमीनों पर,अतिक्रमण कर अवैध रूप से बनाई गई अवैध बहुमंजिली ईमारतों का आंकड़ा, मुम्बई उच्च न्यायालय की दहलीज पर वर्ष 2024 में 5000 का पेश किया गया था, मगर उच्च न्यायालय के द्वारा इस आंकड़े को गंभीरता से नही लिए जाने के कारण,भूमाफियाओं का मनोबल इतना ज्यादा बढ़ गया है कि अभी भी नवी मुम्बई महानगरपालिका की हद में, कम से कम 50 से ज्यादा अवैध बहुमंजिली ईमारतों का निर्माण धड़ल्ले से शुरू है।
इसका प्रमाण अकेले घणसोली विभाग कार्यालय के आंकड़े पेश कर देते हैं। इस कार्यालय द्वारा पिछले एक वर्ष में रबाले पुलिस स्टेशन में, 25 से ज्यादा एफआईआर दर्ज करने संबंधी लिखित शिकायत जमा कराई गई है। आज दिनांक 26/05/2026 को भी घणसोली में कार्यरत पालिका के अभियंता रितेश पुरव ने ऐसे ही एक बहुमंजिली ईमारत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए इसमें आठ लोगों को आरोपी बनाया है। यह अवैध ईमारत घणसोली के अर्जुनवाडी क्षेत्र में बनाई जा रही है। इसी प्रकार अवैध ईमारतों के बनाये जाने का सिलसिला ऐरोली,कोपरखैरणे,वाशी,तुर्भे,नेरूल और बेलापूर में भी जारी है। मगर पालिका,सिडको और पुलिस के अधिकारी शिकायत के आधार पर सिर्फ अपनी जेबें गरम करने में लगे हैं। ज्ञात हो कि पालिका प्रशासन ने नवंबर 2024 तक नवी मुम्बई के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में, कुल 1092 एफआईआर दर्ज कराया है मगर नतीजा ‘ढ़ाक के तीन पात’। इनमें से किसी भी ईमारत को तोड़े जाने या किसी भू माफिया को सजा मिलने की बात अबतक सामने नही आई है।



