रविन्द्र पाटिल ने गवते परिवार पर लगाया गंभीर आरोप

शिवसेना शिन्दे गुट के बेहद ही सक्रिय युवा नेता रविन्द्र पाटिल,जो ऐरोली और दिघा क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं,उनके और गवते परिवार के बीच एक जमीन और एक टेन्डर को लेकर जमकर ठन गई है। नवी मुम्बई महानगरपालिका के पिछले माह के स्थगन महासभा के आयोजन पर,रविन्द्र पाटिल जिनकी पत्नी नगरसेविका भी हैं,उन्होंने दिघा के पूर्व नगरसेवक नवीन गवते और उनके परिवार पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग दिघावासियों के घर उजाड़ने के दोषी हैं,अब वही लोग पिछले दरवाजे से एमआईडीसी से एक बड़ा भूखंड प्रकल्पग्रस्तों के नाम पर अपनी कंपनी को दिलाने में लगे हैं,वह भी फर्जी तरीके से।रविन्द्र पाटिल ने नवीन गवते पर सीधा हमला बोलते हुए यह भी आरोप लगाया कि जब गवते स्थायी समिती सभापति थे, तो उन्होंने 27 करोड़ की एक निविदा एक ऐसे भूखंड पर स्वीकृत करा ली, जो दरअसल एक सड़क था। इस निविदा के अंतर्गत कुछ कार्य भी करा लिया गया,मगर बाद में इस कार्य को रोक दिया गया। रविन्द्र पाटिल ने नवीन गवते और उनके परिवार द्वारा जो भूखंड की मांग, एमआईडीसी से की गई है उसे तुरंत खारिज किये जाने की मांग पत्रकारों के समक्ष की। साथ ही नवीन गवते के सभापति कार्यकाल में जिस 27 करोड़ की निविदा को मंजूरी दी गई थी,उसकी भी विभागीय जांच करने की मांग रविन्द्र पाटिल ने की। रविन्द्र पाटिल के इस आरोप के बाद दिघा में एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ने के आसार दिखाई पड़ने लगे हैं।



