इन दोनों मामलों में कई संदेहास्पद तथ्यों का आखिर कब खुलेगा राज?

हमारी कमजोर याददाश्तों का कितना गैर फायदा पुलिस और जांच एजेन्सियां उठाती हैं,इसके अनेकों उदाहरण न्यायालय के रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं। इन्हीं में से दो पर आज मुम्बई तपास आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहता है। पहली घटना है वर्ष 2017 की,जिसमें तत्कालीन एमएसआरडीसी के एमडी राधेश्याम मोपलवार को ब्लैकमेल करने के आरोप में, सतीश मांगले और उनकी अभिनेत्री पत्नी श्रद्धा मांगले को उनके एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया गया था और बाद में मांगले दंपति का गैंगस्टर रवि पुजारी से संबंध बताकर उनपर मकोका लगा दिया गया था। आरोपियों के उपर यह आरोप था कि वह मोपलवार को ब्लैकमेल करके उनसे दस करोड़ रूपये की मांग कर रहे थे। मोपलवार 1 करोड़ रूपये देने को तैयार भी हो गये थे,मगर आरोपी दस करोड़ से नीचे मानने को तैयार नही थे। मजबूरन मोपलवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी और पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले के सभी आरोपियों को 2023 में न्यायालय से बरी कर दिया गया,मगर उसके बाद मांगले दंपति अचानक न जाने कहां चले गये और अपने आपको सबसे तेज की उपाधि देनेवाले पत्रकारों ने भी इस मामले पर बाद में कोई ध्यान नही दिया। हालांकि इस मामले में कुछ साक्ष्य ऐसे सामने आये थे,जिसमें मोपलवार की भूमिका बेहद संदिग्ध दिखाई देती थी। मगर आगे की सारी सच्चाई पुलिस दबाव के आगे कभी बाहर न आ सकी।अब दूसरी कहानी महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फड़णवीस के ब्लैकमेलिंग का ले लिजीए। इसमें क्रिकेट के एक बहुत बड़े बुकी अनिल सिंघानी और उनकी बेटी अनिश्का सिंघानी पर यह आरोप लगा था कि यह दोनों अमृता फड़णवीस को एक करोड़ रूपये रिश्वत देने का फर्जी विडियो बनाकर, अमृता से दस करोड़ रूपये की मांग कर रहे थे। यह घटना 2023 की है जिसमें पुलिस ने अमृता फड़णवीस की व्यक्तिगत शिकायत के बाद, बाप और बेटी (अनिल सिंघानी और अनिश्का सिंघानी) दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के कुछ महीनों के बाद बाप और बेटी को इस मामले में जमानत मिल गई थी। मगर इसके बाद बाप और बेटी कहां गायब हो गये,इसका कोई अंदाजा नही और न ही इस गंभीर मुकदमे का क्या हुआ,इसकी जानकारी भी सार्वजनिक नही है। अमृता फड़णवीस के मामले में भी कई संदेहास्पद तथ्य सामने आये थे,मगर पुलिस दबाव और जांच में इन तथ्यों को दबा दिया गया। सबसे बड़ी बात यह कि अनिश्का धड़ल्ले से देवेन्द्र फड़णवीस के घर जाकर अमृता से मिला करती थी और उन्हे ब्यूटी टिप्स भी दिया करती थी।खैर इन दोनों मामलों की सच्चाई कुछ भी हो,मगर महाराष्ट्र के दो इतने प्रभावशाली लोगों के मामले की अगर पूरी सच्चाई सामने नही आ पाई है, तो यह हम पत्रकारों की क्षमता और कार्यकुशलता पर भी एक बड़ा सवाल है।



