मंदा म्हात्रे ने सार्वजनिक मंच पर गणेश नाईक की इज्जत निकाली

यश लालसा अन्य किसी भी लालसा से कितनी बड़ी होती है,इसका अगर कोई उदाहरण देखना है तो अपनी प्रसिद्धि के लिए बेचैन, महाराष्ट्र के नेताओं में आप इसे आसानी से देख सकते हैं। यह नेता शहर में लगनेवाले बैनर और पोस्टर पर अपना नाम न देखकर,अपने ही कार्यकर्ताओं को गाली देने में थोड़ा भी विलंब नही करते। प्रसिद्धी की लालसा इन नेताओं के अंदर कितने गहरे स्तर पर पहुंच चुकी है,इसका एक उदाहरण नवी मुम्बई के वाशी अस्पताल में भी दिखाई दिया,जहां मरीजों को नये सिरे से प्रदान किये जानेवाले कुछ सुविधाओं के उद्घाटन का समारोह आयोजित किया गया था । यहां भरी सभा में ही बीजेपी के दो विधायकों के बीच तगड़ी भिड़ंत हो गई। बेलापूर की विधायक मंदा म्हात्रे,मरीजों को दी जानेवाली नई सुविधाओं को ऐरोली के विधायक गणेश नाईक के प्रयास की उपलब्धि बताये जाने संबंधी सूचना फलक को देखकर,जबरदस्त तरीके से भड़क उठीं और उन्होंने भरी सभा में गणेश नाईक पर यह आरोप लगा दिया कि गणेश नाईक अपने ऐरोली विधानसभा को छोड़कर उनके विधानसभा क्षेत्र पर ज्यादा नजर गड़ाये हुए हैं,क्योंकी उन्होंनै बेलापूर से दो दो बार नाईक परिवार को हराया है। मंदा म्हात्रे ने गुस्से में न केवल कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया बल्कि मीडिया के सामने खुलकर गणेश नाईक की जमकर आलोचना की। एक सामाजिक उपक्रम के शुभारंभ पर, बीजेपी के दो विधायकों के बीच हुई यह तनातनी न केवल अनुशासनहीनता का प्रतीक बनी बल्कि दो विधायकों की घोर यश लालसा का परिचायक भी बनी।



