वाशी के भूखंड आवंटन में बरती गई अनियमितता के लिए रहेजा ग्रुप को भरना होगा 318 करोड़ रूपये
सर्वोच्च न्यायालय का फैसला

नवी मुम्बई के वाशी सेक्टर 30 में स्थित होटल फोर प्वाइंट और इन ऑर्बिट माॅल के मालिक रहेजा ग्रुप को सर्वोच्च न्यायालय ने जोरदार आर्थिक झटका दिया है। इस प्लाॅट के आवंटन में बरती गई एक बड़ी अनियमितता का खुलासा,नवी मुम्बई के दो आरटीआई एक्टिविस्टों ने, एक जनहित याचिका के द्वारा मुम्बई उच्च न्यायालय के सामने किया था। इन दोनों एक्टिविस्टों का नाम है संदीप ठाकुर और संजय सुर्वे। मुम्बई उच्च न्यायालय ने इनके जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए रहेजा के भूखंड आवंटन को ही रद्द कर दिया था और इसे पूर्ववत स्थिती में सिडको को लौटाने का आदेश दिया था।
मुम्बई उच्च न्यायालय के इस आदेश को इन ऑर्बिट माॅल के दूकानदारों और फोर प्वाइंट होटल के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। इसपर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने भी माना कि इस भूखंड आवंटन में गहरी अनियमितता हुई है,मगर उसने डेमोलिशन को इसका उचित समाधान न मानते हुए,रहेजा ग्रुप को आर्थिक भरपाई करने का आदेश सुनाया और इसके अंतर्गत कुल रकम 318 करोड़ रूपये निर्धारित की।
भले ही सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को आरटीआई एक्टिविस्ट काॅकरोच नजर आते हों,मगर इन्ही कुछ काॅकरोचों के कारण सिडको और नवी मुम्बई महानगरपालिका की तिजोरी को पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों करोड़ का फायदा हो चुका है।



