
जो लोग एक मुख्यमंत्री के रूप में, देवेन्द्र फड़णवीस के कार्यकलापों पर गहरी नजर रखते हैं,उन्हे मालूम है कि देवेन्द्र फड़णवीस विकास का लाॅलीपाॅप तो आम लोगों को दिखाते हैं,मगर इस लाॅलीपाॅप के बिना सामने आये, वह आइसक्रीम की पूरी फैक्ट्री अपने उधोगपति दोस्तों को पकड़ा देते हैं।मुम्बई तपास के पास दस्तावेजी सबूतों के साथ, कई ऐसे उदाहरण मौजूद हैं,जिसमें सरकार द्वारा योजना का प्रस्ताव तो आमलोगों के फायदे के लिए तैयार किया गया,मगर पूरी योजना का लाभ पूंजीपति लूटकर ले गये। अब ऐसी ही एक योजना का शुभारंभ,नवी मुम्बई से सटे नैना परिक्षेत्र में किया गया है,जहां प्रकल्पग्रस्तों की खेती की जमीन को सिडको 40-60 के अनुपात में लेकर, उनकी जमीन पर एक नये शहर की स्थापना करेगी। देवेन्द्र फड़णवीस ने इस 270 वर्ग किलोमीटर की परियोजना को आगे बढ़ाते हुए, प्रकल्पग्रस्तों को यह लाॅलीपाॅप पकड़ा दिया कि नैना परिक्षेत्र का विकास होने पर यहां कम से कम 15 लाख रोजगार पैदा होंगे,जिसमें 5 लाख रोजगार बेहद उंची आय वाले होंगे। सिडको द्वारा आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में फड़णवीस ने इस अवसर पर कुछ प्रकल्पग्रस्तों के बीच प्रोपर्टी कार्ड का भी वितरण किया।मगर इस दौरान किसी पत्रकार ने उनसे यह सवाल नही किया कि एक समय में लाखों रोजगार देनेवाली टीटीसी इन्डस्ट्रियल एरिया में, आखिर किस कारण से कंपनियों को बंद कर वहां रियल इस्टेट का बाजार बुलंद किया जा रहा है। न ही किसी पत्रकार ने यह पूछा कि एनएमएसईजेड के अंतर्गत 5 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा कर जो 5300 एकड़ जमीन रिलायंस को दी गई थी, वहां 20 वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई इंडस्ट्री क्यों नही आई। किसी पत्रकार ने यह भी नही पूछा कि नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल में,अबतक कितने प्रकल्पग्रस्तों को नौकरी मिली है। किसी ने यह भी नही पूछा कि मुम्बई में विभिन्न मिलों की जो 600 एकड़ जमीन को, झोपड़पट्टी मुक्त मुम्बई का सपना साकार करने के लिए यूएलसी से बाहर किया गया था,उसपर कितने झोपड़पट्टी वासियों को घर प्राप्त हुआ है।नवी मुम्बई के लोगों को सस्ते दर पर शिक्षा,स्वास्थ्य और खेल की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, जिन जमीनों को करोड़ों की जगह कौड़ियों के भाव में कुछ धन्नासेठों को प्रदान किया गया,क्या वहां सस्ते दर पर शिक्षा,स्वास्थ्य और खेल की सुविधा उपलब्ध है,इसपर भी सारे पत्रकारों ने खामोशी साधे रखी। पत्रकारों की इसी खामोशी के कारण नेता हर बार आम लोगों को नये नये लाॅलीपाॅप दिखा देते हैं और उसकी आड़ में पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाकर धीमे से खिसक लेते हैं। नवी मुम्बई के प्रकल्पग्रस्तों की सबसे बड़ी मांग कि नवी मुम्बई अंतरराष्ट्रीय विमानतल का नाम दि बा पाटील साहब के नाम पर किया जाये,जब इसपर फड़णवीस ने अभी तक कुछ नही किया,तो कल जो उन्होंने प्रकल्पग्रस्तों से वादा किया है,उसपर कितना खरा उतरेंगे यह तो आनेवाला समय ही बतायेगा।



