कहा कुकुरमुत्ते की तरह बढ़ रही है आरटीआई कार्यकर्ताओं की संख्या

नवी मुम्बई महानगरपालिका में शिवसेना शिन्दे गुट के गट नेता मनोज हलदणकर, अचानक महासभा में इस बात पर काफी नाराज दिखे कि नवी मुम्बई में कुकुरमुत्ते की तरह आरटीआई कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ रही है और इनमें से ज्यादातर लोग ब्लैकमेलिंग का कार्य कर रहे हैं। मनोज हलदणकर ने सर्वोच्च न्यायालय के,पिछले कुछ दिनों में की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए,पालिका आयुक्त से यह मांग की कि नवी मुम्बई महानगरपालिका में सक्रिय आरटीआई कार्यकर्ताओं के व्यक्तिमहत्व की जानकारी मंगाई जाए और इस बात की जांच की जाये कि इनमें से ब्लैकमेलिंग के धंधे में कितने लोग संलग्न हैं।हालांकि मनोज हलदणकर की बात कुछ हद तक सही है,मगर सवाल यह भी उठता है कि जब पालिका प्रशासन में कुछ ब्लैक चल नही रहा तो फिर किसी को ब्लैकमेल कैसे किया जा सकता है। दूसरी बात यह है कि आरटीआई कार्यकर्ता कम से कम दादागिरी नही करते और जो कुछ भी सूचना मांगते हैं,वह लिखित रूप में होती है,मगर राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा जो दबंगगिरी और ब्लैकमेलिंग का धंधा,नवी मुम्बई महानगरपालिका में पिछले कई वर्षों से जारी है,उसपर मनोज हलदणकर क्यों खामोशी साधे रहे,उनके खिलाफ कुछ क्यों नही बोला। जब सारे नगरसेवक अपने अपने परिचितों को ठेका दिलाकर उसमें अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी या 5% से 10% का कमीशन लेते हैं,उस स्थिती पर मनोज हलदणकर अपना मुंह क्यों नही खोलते। जिस प्रकार आरटीआई कार्यकर्ताओं के जांच की मांग वह कर रहे हैं, उसी तरीके से पालिका के नगरसेवकों के गोरखधंधे और राजनीतिक पार्टियों द्वारा की जा रही ब्लैकमेलिंग के जांच की मांग भी उन्हे करनी चाहिए।



