सभी बड़े शहरों में हो रही है अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी

दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित लेमन ग्रीन होटल में लगी आग से 21 लोगों को अचानक से अपनी जान गंवानी पड़ी। इसमें 17 विदेशी नागरिकों का भी समावेश है। इस घटना को उपहार सिनेमा हाल के बाद दिल्ली का दूसरा सबसे बड़ा अग्निकांड माना जा रहा है।ज्ञात हो कि मालवीय नगर में स्थित लेमन ग्रीन होटल के ठीक सामने दिल्ली का बेहद नामचीन अस्पताल मैक्स है और होटल लेमन ग्रीन में कई ऐसे विदेशी लोग भी ठहरे हुए थे,जिनके परिजन मैक्स हास्पीटल में इलाज के लिए भर्ती थे। मगर काल और सुरक्षा नियमों की अनदेखी ने उनके जीवन को निगल लिया वह भी बेहद दर्दनाक मौत के साथ।आपको याद होगा कि उपहार सिनेमा गृह में हुए अग्नितांडव के बाद शहर के सभी नियोजन संस्थाओं को तरह तरह के दिशा निर्देश जारी किये गये थे और इसपर सख्ती से अमल करने को कहा गया था, मगर ‘रात गई और बात गई’ की तर्ज पर कुछ ही दिनों में फिर से अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी शुरू हो गई। अभी कुछ महीने पहले ही एक और भीषण अग्निकांड दिल्ली में हुआ था,जिसमें एक ही परिवार के 9 लोगों की मृत्यू हो गई थी। चंद पैसों के लालच में विकासक, रहिवासी सोसायटी,होटल,अस्पताल,शिक्षण संस्थान और शहर की प्लानिंग बाॅडी द्वारा अग्निसुरक्षा नियमों के साथ जिस तरीके से समझौता किया जा रहा है,यह उसी का परिणाम है कि अब उसमें लेमन ग्रीन होटल की घटना का नाम भी जुड़ गया है। ऐसे अग्निकांडों से अगर भविष्य में अपना बचाव करना है तो अग्नि सुरक्षा नियमों के साथ खिलवाड़ करनेवाले लोगों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ बेहद ही गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान किया जाना चाहिए।



