एमआईडीसी क्षेत्र में भी पालिका को मिला कर वसूली का अधिकार

पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से चले आ रहे,नवी मुम्बई महानगरपालिका और एमआईडीसी क्षेत्र के अंतर्गत कर वसूली के लिए चल रहे विवाद पर आखिरकार सर्वोच्च न्यायालय ने विराम लगा दिया है। नवी मुम्बई महानगरपालिका क्षेत्राधिकार के अंतर्गत एमआईडीसी क्षेत्र में स्थित संपतियों पर भी कर लगाने का अधिकार सर्वोच्च न्यायालय ने पालिका प्रशासन को दे दिया है। इस मामले की सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने जिस महत्वपूर्ण पहलू को सबसे ज्यादा स्पष्ट किया है,वह है शुल्क और कर के बीच का अंतर। एमआईडीसी को अपनी संपतियों पर सिर्फ शुल्क लगाने का अधिकार है,जबकि कर वसूलने का अधिकार सिर्फ पालिका प्रशासन को है,यह स्पष्टता सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश के जरिए प्रदान की है।सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद पालिका की तिजोरी में लगभग 500 करोड़ रूपये सालाना की वृद्घि हो सकती है। नवी मुम्बई महानगरपालिका प्रशासन इसे अपनी एक बहुत बड़ी आर्थिक जीत बता रहा है।



