
ठाणे के शिवसेना यूबीटी के विभाग प्रमुख,प्रदीप पुर्णेकर की हत्या में अब नित्य नये खुलासे सामने आ रहे हैं। कापूरवाड़ी पुलिस ने इस हत्याकांड के सिलसिले में मीरा रोड से,पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है,जिसमें तीन महिलाओं का समावेश है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस हत्याकांड के वक्त प्रदीप पुर्णेकर के साथ उनके ऑफिस में मौजूद, पप्या शिन्दे लगातार इन तीनों संदिग्ध महिलाओं के संपर्क में था। ज्ञात हो कि पुलिस ने पप्या शिन्दे को इस हत्याकांड में मुखबिरी करने के आरोप में सबसे पहले गिरफ्तार किया है।29 सितंबर को रात 9.30 बजे के आसपास प्रदीप पुर्णेकर की हत्या,उनके ही जनसंपर्क कार्यालय में घुसकर कर दी गई थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने 5 से 6 हत्यारों का एक समूह,प्रदीप पुर्णेकर के कार्यालय में घुसा था और उनपर तड़ातड़ सात गोलियां दाग दी थी। हत्यारों ने पुर्णेकर पर तलवार से भी वार किया था। उस वक्त पुर्णेकर के साथ उनके कार्यालय में पप्या शिन्दे भी मौजूद था, मगर हत्यारों ने उसे पूरी तरीके से सुरक्षित छोड़ दिया। यही एक बड़ी वजह रही कि पुलिस का पहला शक पप्या शिन्दे के खिलाफ गया।हालांकि इस हत्याकांड को लेकर एक उच्च स्तरीय एसआईटी का भी निर्माण कर दिया गया है,जिसका प्रमुख उपायुक्त अपराध शाखा अमर सिंह जाधव को बनाया गया है। उपायुक्त अपराध शाखा के अलावा इस 23 सदस्यीय एसआईटी में दो सहायक पुलिस आयुक्त और तीन वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों को भी शामिल किया गया है। पुलिस की मानें तो पप्या शिन्दे ने, इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए किसी टल्ली नामक अपराधी को मुख्य अभियुक्त बताया है। हालांकि पुलिस की जांच में किसी कन्नौजिया और पवार नामक दो आरोपियों का भी नाम सामने आया है। पुलिस की मानें तो हत्याकांड में शामिल एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल को बरामद कर लिया गया है। बढ़ते राजनीतिक दबाव के कारण, प्रदीप पुर्णेकर की हत्या में पुलिस को एफआईआर में,ठाणे की पूर्व महापौर मिनाक्षी शिन्दे और उनके पति राजेन्द्र शिन्दे का नाम भी संदिग्ध आरोपी के रूप में शामिल करना पड़ा है।



